सीहोर: आष्टा में 10वीं का पेपर देने जा रहे भाई-बहन की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या, जमीन विवाद बना खूनी रंजिश का कारण
आष्टा/सीहोर, 06 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सीहाेर जिले के आष्टा में सिद्दीकगंज थाना क्षेत्र के धर्मपुरी गांव में शुक्रवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां 10वीं का पेपर देने जा रहे भाई-बहन पर उनके ही ताऊ और चचेरे भाई ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में वारदात की वजह पारिवारिक जमीन को लेकर चल रहा पुराना विवाद बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान शीतल (20) और कुलदीप (19) के रूप में हुई है। इस मामले में उनके ताऊ हरिसिंह मालवीय (55) और चचेरे भाई हेमंत मालवीय (28) को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दोनों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के अनुसार हरिसिंह मालवीय और जगदीश मालवीय सगे भाई हैं। दोनों के बीच वन भूमि पर कब्जे को लेकर कई वर्षों से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि 20 अक्टूबर 2025 को हरिसिंह के बेटे रितेश (23) की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच तनाव और बढ़ गया था। इस दौरान हरिसिंह ने जगदीश की पत्नी सीमाबाई से गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस मामले में हरिसिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, जो फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है।
पेपर देने जाते समय किया हमला
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह शीतल और कुलदीप 10वीं की परीक्षा देने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान रास्ते में हरिसिंह और उसके बेटे हेमंत ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। दोनों को तब तक पीटा गया, जब तक उनकी सांसें थम नहीं गईं। घटना के दौरान आसपास के लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। आरोपी मौके से फरार हो गए, जिन्हें बाद में पुलिस ने पकड़ लिया। घायल भाई-बहन को परिजन तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों के पिता जगदीश मालवीय का कहना है कि यह हमला अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे गहरी साजिश थी। जगदीश के मुताबिक आरोपी हरिसिंह को पता था कि आज दोनों बच्चों का पेपर है और वे इसी रास्ते से जाएंगे। वह सुबह से ही हाथ में लठ लेकर रास्ते में छिपा बैठा था। परिवार का कहना है कि पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपी ने मासूम बच्चों को निशाना बनाया। इस घटना के बाद से पिता और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
पोस्टमॉर्टम रूम के बाहर हंगामा
घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के पोस्टमॉर्टम कक्ष के बाहर जमकर हंगामा किया। इस दौरान एक कॉन्स्टेबल के साथ मारपीट भी कर दी गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह स्थिति संभाली। हंगामे की सूचना मिलते ही आष्टा थाना प्रभारी गिरीश दुबे और पार्वती थाना प्रभारी हरिसिंह परमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। काफी देर तक समझाइश के बाद मामला शांत कराया जा सका। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार कराया। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

