सतना: चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर, रामघाट की सभी सीढ़ियां डूबीं, दुकानों में घुसा पानी
- प्रशासन ने खाली कराया घाट, एसडीआरएफ तैनात
भोपाल/सतना, 17 अगस्त (हि.स.) । मध्य प्रदेश के सतना जिले के तराई अंचल और चित्रकूट में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ गया है। सोमवार को उफान के कारण चित्रकूट के ऐतिहासिक रामघाट की सभी सीढ़ियां जलमग्न हो गईं और पानी दुकानों में घुस गया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने घाट को खाली कराकर बैरिकेडिंग कर दी है तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है।
दरअसल, सतना और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी घाट की ओर स्थित दुकानों में प्रवेश करने लगा, जिसके बाद दुकानदारों ने आनन-फानन में अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के स्थानीय प्रशासन ने रामघाट क्षेत्र को तुरंत खाली करने का अलर्ट जारी किया। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए घाट की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर आम लोगों व श्रद्धालुओं की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
अलर्ट मोड पर प्रशासन
नदी में बाढ़ के खतरे को देखते हुए रामघाट पर राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम तैनात कर दी गई है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों का प्रशासनिक अमला संयुक्त रूप से मंदाकिनी के जलस्तर पर 24 घंटे नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने बताया कि यदि कैचमेंट एरिया में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो जलस्तर में और अधिक बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके लिए तटीय इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है।
सुबह से बारिश की झड़ी
चित्रकूट के अलावा सतना जिला मुख्यालय और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार सुबह से ही बारिश की झड़ी लगी हुई है। सावन के बीते 16 दिनों में जिले में लगभग 4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के कारण सतना और पूरे रीवा संभाग में आगामी 24 घंटों के दौरान गरज-चमक और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

