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सतना में सतधारा परियोजना अधर में, एक्सटेंशन के बाद भी पूरा नहीं हुआ बैराज निर्माण

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सतना में सतधारा परियोजना अधर में, एक्सटेंशन के बाद भी पूरा नहीं हुआ बैराज निर्माण


सतना, 22 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना जिले के सोहावल क्षेत्र में टमस नदी पर निर्माणाधीन सतधारा परियोजना का बैराज कार्य तय समय सीमा और एक्सटेंशन मिलने के बावजूद अब तक पूरा नहीं हो सका है। निर्माण एजेंसी की सुस्ती और विभागीय निगरानी पर उठ रहे सवालों के बीच परियोजना का उद्देश्य फिलहाल अधूरा नजर आ रहा है।

जानकारी के अनुसार जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) की सतधारा परियोजना के अंतर्गत टमस नदी पर बैराज निर्माण के लिए जुलाई 2022 में प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई थी। करीब 1.36 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को दिसंबर 2024 तक पूरा किया जाना था। निर्माण कार्य का ठेका महाकाल कंस्ट्रक्शन को सौंपा गया था।

बताया जा रहा है कि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं होने पर निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई या पेनाल्टी लगाने के बजाय विभाग ने लगभग आठ माह पहले समय सीमा बढ़ा दी थी। इसके बावजूद भी बैराज निर्माण अब तक अधूरा पड़ा है।

परियोजना का मुख्य उद्देश्य टमस नदी में जल संरक्षण बढ़ाने के साथ सोहावल समेत आसपास के दो गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। डीपीआर के अनुसार बैराज बनने के बाद लगभग 120 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी, जिससे सौ से अधिक किसानों को लाभ मिलने की संभावना है।

हालांकि निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के कारण न केवल जल संरक्षण का लक्ष्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि क्षेत्र में किसानों को अपेक्षित सिंचाई सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी के पास पर्याप्त मशीनरी और श्रमिकों की कमी है, इसके बावजूद विभागीय अधिकारी ठेकेदार पर सख्ती नहीं बरत रहे हैं।

इधर, टमस नदी का क्षेत्र भी पानी के अभाव में सूखा नजर आने लगा है, जिससे परियोजना की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस मामले में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि एजेंसी को एक्सटेंशन अवधि के तहत करीब एक माह का अतिरिक्त समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि तय समय में गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी