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चित्रकूट में बाढ़ के जख्मों के बीच दीपावली मेले की चुनौती, पर्यटकों के लिए बंद रहेंगी गुप्त गोदावरी की गुफाएं

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चित्रकूट में बाढ़ के जख्मों के बीच दीपावली मेले की चुनौती, पर्यटकों के लिए बंद रहेंगी गुप्त गोदावरी की गुफाएं


चित्रकूट, 24 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट में अगस्त-सितंबर में आई भीषण बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई अभी पूरी नहीं हो पाई है। इसी बीच धर्मनगरी में पांच दिवसीय दीपावली मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित देशभर से 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में क्षतिग्रस्त सड़कों, अधूरे निर्माण कार्यों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच सुरक्षित आयोजन कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

मझगवां के आगे चित्रकूट तक पहुंचने वाले मार्गों की हालत जर्जर है, जबकि कामदगिरि के परिक्रमा पथ का निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस आयोजन को देखते हुए प्रशासन के सामने आवागमन, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने की चुनौती है।

दीपावली मेले के दौरान श्रद्धालु मंदाकिनी नदी के रामघाट पर स्नान, दीपदान और कामदगिरि की परिक्रमा करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम ने दीपावली के अवसर पर मंदाकिनी नदी में दीपदान किया था। इसी आस्था के चलते हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नदी तट पर दीपों की कतारें और कामदगिरि की परिक्रमा करते भक्त इस आयोजन को विशिष्ट धार्मिक पहचान देते हैं।

बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए मार्गों और पुलों से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। इसे देखते हुए मंदाकिनी नदी पर पीपा पुल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। प्रशासन के लिए मेले से पहले आवागमन की व्यवस्था सुचारु करना महत्वपूर्ण होगा।

चित्रकूट स्थित गुप्त गोदावरी की गुफाओं में पत्थर गिरने की घटना के बाद पर्यटकों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी। अब सुरक्षा कारणों से दीपावली मेले के दौरान भी गुफाएं पर्यटकों के लिए बंद रहेंगी।

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) की टीम ने गुफाओं का सर्वे कर जिला प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में गुफाओं के अंदर और बाहर कई स्थानों पर पत्थर गिरने की आशंका जताई गई है। विशेषज्ञों ने तकनीकी रूप से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने के बाद ही गुफाओं को पर्यटकों के लिए खोलने का सुझाव दिया है।

रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने फैसला किया है कि सुरक्षा संबंधी कार्य पूरे होने तक गुफाओं में पर्यटकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। गुफा और परिसर में सुरक्षा के इंतजाम करने की जिम्मेदारी नगर परिषद को सौंपी गई है।

जीएसआई ने गुफाओं के संवेदनशील हिस्सों में संभावित खतरे को देखते हुए कई तकनीकी उपाय सुझाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्रवेश की सीढ़ियों और राम दरबार के पास लटके बड़े चट्टानी हिस्सों को हटाने के बजाय इंजीनियरिंग डिजाइन के तहत रॉक बोल्टिंग, एंकरिंग या अन्य उपयुक्त तकनीकों से सुरक्षित किया जाना चाहिए।

इसके अलावा खटखटा चोर सहित अन्य संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षात्मक जाली लगाने और धनुष कुंड व शेषनाग गुफा में मलबा रोकने के उचित इंतजाम करने की सलाह दी गई है। इन कार्यों के दौरान प्राकृतिक जल प्रवाह बाधित नहीं होना चाहिए।

कलेक्टर सतीश कुमार एस ने बताया कि गुप्त गोदावरी की गुफाओं के संबंध में जीएसआई की सर्वे रिपोर्ट प्राप्त हुई है। रिपोर्ट में सुझाए गए सुरक्षा उपायों पर नगर परिषद की तकनीकी टीम काम करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा संबंधी कार्य पूरे होने के बाद ही गुफाओं को पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।

ऐसे में इस बार दीपावली मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के प्रबंधन के साथ क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करना प्रशासन के लिए अहम होगा। वहीं, गुप्त गोदावरी की गुफाएं बंद रहने से चित्रकूट आने वाले पर्यटकों को इस प्रमुख पर्यटन स्थल का भ्रमण नहीं कर पाने का सामना करना पड़ेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी