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ऑपरेशन फेस के तहत सतना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी सिम नेटवर्क का खुलासा

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ऑपरेशन फेस के तहत सतना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी सिम नेटवर्क का खुलासा


सतना, 15 मई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के सतना जिले में साइबर अपराधों और फर्जी सिम कार्ड नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन फेस” के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पीओएस एजेंटों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों एजेंटों ने नियमों का उल्लंघन कर एक ही व्यक्ति की फेस आईडी और दस्तावेजों का उपयोग करते हुए सैकड़ों फर्जी सिम कार्ड सक्रिय किए।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी राहुल सेन ने एक ही फेस आईडी के जरिए 1027 सिम कार्ड एक्टिवेट किए, जबकि अंकित अग्रवाल ने 658 सिम कार्ड जारी किए। इतनी बड़ी संख्या में सक्रिय किए गए सिम कार्डों ने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया।

पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी मोबाइल कंपनियों के अधिकृत पीओएस एजेंट के रूप में कार्यरत थे। आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों के सत्यापन की अनिवार्य प्रक्रिया का पालन किए बिना अलग-अलग नाम और पते पर सिम कार्ड जारी किए तथा इससे आर्थिक लाभ अर्जित किया। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन सिम कार्डों का उपयोग साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता था।

साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त जांच के दौरान संदिग्ध एक्टिवेशन डेटा सामने आया। तकनीकी विश्लेषण में पाया गया कि एक ही फेस ऑथेंटिकेशन आईडी का इस्तेमाल बार-बार कर बड़ी संख्या में सिम कार्ड सक्रिय किए गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं।

रामपुर बाघेलान थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। बाद में उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फर्जी सिम कार्ड साइबर अपराधियों के लिए सबसे बड़ा माध्यम बनते जा रहे हैं। ऐसे सिमों का उपयोग कर ठग लोगों से बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और अन्य गोपनीय सूचनाएं हासिल करते हैं। पुलिस ने कहा कि जिले में फर्जी सिम नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी