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आषाढ़ अमावस्या पर चित्रकूट में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने की कामदगिरि परिक्रमा

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आषाढ़ अमावस्या पर चित्रकूट में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने की कामदगिरि परिक्रमा


सतना, 14 जुलाई (हि.स.)। आषाढ़ अमावस्या के अवसर पर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित धर्मनगरी चित्रकूट में मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति का विराट संगम देखने को मिला। प्रशासन के अनुसार, दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान कामतानाथ के दर्शन कर कामदगिरि की परिक्रमा की। पूरे दिन मंदिर परिसर, रामघाट और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।

सोमवार देर रात से ही श्रद्धालुओं का चित्रकूट पहुंचना शुरू हो गया था। मंगलवार तड़के ब्रह्ममुहूर्त में श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में पवित्र स्नान किया। इसके बाद उन्होंने मत्स्यगजेंद्रनाथ महाराज के दर्शन किए और भगवान कामतानाथ के दर्शन-पूजन के बाद कामदगिरि की परिक्रमा कर पुण्य अर्जित किया। पूरे तीर्थ क्षेत्र में दिनभर 'जय कामतानाथ' और 'जय श्रीराम' के जयघोष गूंजते रहे।

कामदगिरि परिक्रमा के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हनुमान धारा, सती अनुसुइया आश्रम, गुप्त गोदावरी, स्फटिक शिला, भरत मिलाप सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर दर्शन किए। देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं के कारण चित्रकूट की सड़कें, घाट और मंदिर परिसर दिनभर श्रद्धालुओं से भरे रहे।

मेले को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। प्रमुख चौराहों, मंदिरों और परिक्रमा मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। चित्रकूट नगर परिषद के कंट्रोल रूम से पूरे मेले की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की गई, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न स्थलों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

हालांकि, भारी भीड़ के मुकाबले मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त नहीं दिखीं। कई स्थानों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालुओं को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। चलित शौचालयों की कमी के कारण विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। उमस भरे मौसम, लंबी कतारों और सीमित सुविधाओं ने भी श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दीं।

श्रद्धालुओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाले चित्रकूट में प्रत्येक अमावस्या पर लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में पेयजल, शौचालय, सफाई और विश्राम जैसी बुनियादी सुविधाओं का और बेहतर प्रबंध किया जाना चाहिए। उन्होंने भविष्य के मेलों में व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने की मांग की।

इस संबंध में नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अंकित सोनी ने कहा कि यदि कहीं कोई कमी रह गई होगी तो उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर परिषद का लगातार प्रयास रहता है कि श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी