सरदार सरोवर समझौते में मध्य प्रदेश के हितों से समझौता करने का आरोप, कांग्रेस ने मांगा श्वेत पत्र
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, 15 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास घेराव की घोषणा
भोपाल, 09 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को राजधानी भाेपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में सरदार सरोवर बांध से जुड़े वित्तीय और प्रशासनिक समझौते को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने मध्य प्रदेश के वैधानिक अधिकारों और किसानों के हितों से समझौता किया है तथा पूरे मामले पर श्वेत पत्र जारी कर विधानसभा में विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए।
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दबाव में राज्य सरकार ने सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े मामलों में प्रदेश के हितों की अनदेखी की है। उनका कहना था कि नर्मदा नदी का अधिकांश प्रवाह मध्य प्रदेश में होने के बावजूद परियोजना से सबसे अधिक विस्थापन और नुकसान भी प्रदेश को ही उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित 230 संभावित गांवों में से 178 मध्य प्रदेश में हैं, जबकि गुजरात में यह संख्या 19 है। इसी प्रकार लगभग 23,600 परिवार मध्य प्रदेश में विस्थापित हुए, जबकि गुजरात में करीब 4,000 परिवार प्रभावित हुए। पटवारी ने दावा किया कि इन परिस्थितियों के आधार पर पूर्व में मध्य प्रदेश ने लगभग 76.69 करोड़ रुपये का दावा प्रस्तुत किया था, जिसे वर्तमान सरकार ने वापस ले लिया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने गुजरात को लगभग 550 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई है। उन्होंने सरकार के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया है कि 1,500 करोड़ रुपये की देनदारी को घटाकर 231 करोड़ रुपये में निपटाया गया और 1,268 करोड़ रुपये की बचत हुई। पटवारी ने इस पूरे समझौते की प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग की। पत्रकार वार्ता में उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार पर भ्रष्टाचार, बढ़ते कर्ज और विजनहीन नेतृत्व के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश पर 5.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है और हाल ही में 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण लिया गया है। उनका आरोप था कि कर्ज और करदाताओं के धन का उपयोग विकास कार्यों के बजाय प्रचार-प्रसार और आयोजनों पर किया जा रहा है।
पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार जैसे क्षेत्रों में सरकार कोई स्पष्ट नीति या रोडमैप प्रस्तुत नहीं कर सकी है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए स्कूल बंद होने, पेपर लीक और आरजीपीवी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार का उल्लेख किया तथा केजी से पीजी तक निशुल्क शिक्षा की मांग दोहराई। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार का विषय है और प्रदेश में इस पर चर्चा वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है। उन्होंने आदिवासी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों और सांस्कृतिक हितों पर व्यापक विमर्श की आवश्यकता बताई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं और आदिवासियों के खिलाफ अपराध, नशा और भ्रष्टाचार के मामलों में भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस 15 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी और विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन जारी रखेगी। पटवारी ने कहा कि नर्मदा मध्य प्रदेश की आस्था, संस्कृति और जीवन रेखा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश के अधिकारों, किसानों के हितों और नर्मदा से जुड़े न्यायसंगत दावों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

