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सनातन संस्कृति की वैश्विक पहचान को और आगे ले जाएगा धार का भोजशाला: हेमंत खण्डेलवाल

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सनातन संस्कृति की वैश्विक पहचान को और आगे ले जाएगा धार का भोजशाला: हेमंत खण्डेलवाल


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने धार में मां सरस्वती लोक व राजाभोज शोध संस्थान बनाए जाने की घोषणा पर जताया मुख्यमंत्री का आभार

भोपाल, 25 मई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने धार भोजशाला में ‘मां सरस्वती लोक’ और ‘राजा भोज शोध संस्थान’ बनाए जाने की घोषणा पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक कदम है।

हेमंत खंडेलवाल ने साेमवार काे जारी अपने बयान में कहा कि धार भोजशाला में मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री द्वारा की गई यह घोषणा न केवल सनातन संस्कृति के गौरव को पुनर्स्थापित करेगी, बल्कि धार को वैश्विक सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान भी दिलाएगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर मानने वाला फैसला ऐतिहासिक है और यह सनातन परंपरा की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

“भोजशाला का प्राचीन वैभव लौटाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध”

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सनातन संस्कृति और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने भोजशाला आंदोलन में बलिदान देने वाले लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा को सनातन के लिए संघर्ष करने वालों का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि सैकड़ों वर्षों के संघर्ष और लंबी प्रतीक्षा के बाद भोजशाला में प्रतिदिन पूजा-अर्चना शुरू होना ऐतिहासिक उपलब्धि है। भाजपा सरकार भोजशाला को उसके प्राचीन वैभव के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

धार बनेगा उद्योग, पर्यटन और साहित्य का केंद्र

हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पहले ही धार को पीएम मित्रा पार्क जैसी बड़ी सौगात दे चुकी है, जिससे जिला विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब मां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान बनने से धार उद्योग, पर्यटन और साहित्य का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि धार, राजा भोज की नगरी है और राजा भोज, सम्राट विक्रमादित्य तथा हर्षवर्धन जैसे महान शासकों ने भारतीय संस्कृति को विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई थी।

जल संरक्षण में राजा भोज की परंपरा को आगे बढ़ा रही सरकार

गंगा दशमी के अवसर पर हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि राजा भोज ने जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए थे। भोपाल का बड़ा तालाब भी राजा भोज की दूरदृष्टि का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चल रहे ‘जल गंगा संरक्षण अभियान’ के तहत खेत तालाब, डगवेल रिचार्ज, सिंचाई संरचनाओं और प्राचीन बावड़ियों व तालाबों के संरक्षण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। धार जिले में भी 88 करोड़ 4 लाख रुपए की लागत से 12 विकास कार्यों का भूमि पूजन किया जा चुका है। हेमंत खंडेलवाल ने भोजशाला को उसके सनातन कालीन गौरव और वैभव के अनुरूप विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुनः आभार व्यक्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे