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सागर : पहली बार छलका उल्दन बांध, तीन पुल डूबे; कई मार्गों पर आवागमन बंद

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सागर : पहली बार छलका उल्दन बांध, तीन पुल डूबे; कई मार्गों पर आवागमन बंद


सागर : पहली बार छलका उल्दन बांध, तीन पुल डूबे; कई मार्गों पर आवागमन बंद


सागर, 24 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में बंडा वृहद सिंचाई परियोजना के तहत निर्मित उल्दन बांध पहली बार ओवरफ्लो हो गया है। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण बांध के कैचमेंट क्षेत्र में तेजी से पानी बढ़ा और जलस्तर 451 मीटर के क्रस्ट लेवल से ऊपर पहुंच गया। बांध के सभी गेट खुले होने के बावजूद जलस्तर बढ़ने से बांध से पानी बहने लगा है। इसके चलते आसपास के निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है।

बांध से बढ़े जलप्रवाह का असर आसपास के मार्गों पर भी पड़ा है। सागर-धामोनी-महरौनी मार्ग पर बहरोल के समीप स्थित पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है। सुरक्षा के मद्देनजर इस पुल से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। लोगों को पुल पार करने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मार्ग बंद होने के कारण सागर से महरौनी, टीकमगढ़ और मड़ावरा जाने वाले वाहनों को सागर-बांदरी-बरोदिया होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 का उपयोग करना पड़ेगा।

तीन पुल डूबे, मार्गों पर यातायात बंद

लगातार बारिश और बांध का जलस्तर बढ़ने से सागर-धामोनी, बंडा-बांदरी तथा नीमोन-पिपरिया इल्लाई मार्ग प्रभावित हुए हैं। बंडा-बांदरी और नीमोन-पिपरिया इल्लाई मार्ग के पुल पहले ही पानी में डूब चुके थे। अब सागर-धामोनी मार्ग पर बहरोल का पुल भी जलमग्न हो गया है। तीनों मार्गों पर आवागमन बंद कर दिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से संबंधित स्थानों पर सुरक्षा गार्ड भी तैनात किए गए हैं।

गांवों में भी पहुंचा पानी

उल्दन बांध के आसपास स्थित गांवों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बांध से निकल रहे पानी और लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले कई मार्ग प्रभावित हुए हैं। दशकों से आयोजित होने वाला उल्दन मेला स्थल और वहां स्थित मंदिर भी पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों और रास्तों से दूर रहने की अपील की है।

इन वैकल्पिक मार्गों से जा सकेंगे लोग

बंडा-बांदरी मार्ग का पुल बंद होने के बाद साजी तिराहा से पड़वार, राखसी, मड़ैया गौंड और बहेरिया साहनी होते हुए बांदरी पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा साजी तिराहा से पड़वार, तिनसुआ, सड़ेरी और बहेरिया साहनी होकर भी बांदरी जाने का विकल्प उपलब्ध है।

इसी प्रकार नीमोन-पिपरिया इल्लाई मार्ग का पुल बंद होने के बाद नीमोन से पड़वार, राखसी, मड़ैया गौंड और कुल्ल होते हुए पिपरिया इल्लाई पहुंचा जा सकता है। दूसरा वैकल्पिक मार्ग नीमोन, पड़वार, तिनसुआ, सड़ेरी, बहेरिया साहनी और कुल्ल होकर है।

सागर-धामोनी मार्ग पर बहरोल पुल के जलमग्न होने के बाद धामोनी और टीकमगढ़ की ओर से आने वाले राहगीर बहरोल से बांदरी मार्ग के जरिए सागर पहुंच सकते हैं।

कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण उल्दन बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। बांध के ओवरफ्लो होने के बाद आसपास के निचले इलाकों में भी पानी फैल रहा है। तीन पुलों के जलमग्न होने से कई मार्गों पर यातायात प्रभावित है और प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा