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सागरः राहतगढ़ में 20 करोड़ की लागत से बनेगा नया आईटीआई भवन

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सागरः राहतगढ़ में 20 करोड़ की लागत से बनेगा नया आईटीआई भवन


- 6 ट्रेड आईटीआई, छात्रावास व आवासीय भवन की भी मिली स्वीकृति

भोपाल, 23 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ में युवाओं के तकनीकी कौशल और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी सौगात मिली है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के प्रयासों से लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।

मंत्री राजपूत ने गुरुवार को बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत 6 ट्रेड वाला आधुनिक आईटीआई भवन, 30-30 सीट क्षमता वाले बालक एवं बालिका छात्रावास, साथ ही 1 एफ, 2 एच एवं 4 आई टाइप आवासीय भवनों का निर्माण किया जाएगा। इस स्वीकृति से क्षेत्र के युवाओं को अब अपने ही क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।

युवाओं के भविष्य को मिलेगी नई दिशा :

खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि नए आईटीआई भवन के निर्माण से सुरखी विधानसभा क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न तकनीकी ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे वे उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल विकसित कर सकेंगे और रोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर पाएंगे।

उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर ही प्रशिक्षण मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं को विशेष राहत मिलेगी और पलायन की समस्या भी कम होगी। राहतगढ़ में आईटीआई का निर्माण क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने कहा कि आज का युग कौशल और तकनीकी दक्षता का है। बिना स्किल के रोजगार के अवसर सीमित हो जाते हैं। आईटीआई जैसे संस्थान युवाओं को हाथों-हाथ काम सिखाते हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनते हैं और अपने परिवार व समाज के विकास में योगदान देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस संस्थान के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं को बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी और वे अपने ही क्षेत्र में रहकर रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।

मंत्री राजपूत ने कहा कि आईटीआई संस्थान केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि रोजगार का आधार होते हैं। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा इलेक्ट्रिशियन, फिटर, वेल्डर, कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कुशल बनकर सीधे उद्योगों में काम कर सकते हैं या स्वयं का रोजगार शुरू कर सकते हैं।

तकनीकी शिक्षा की बढ़ती जरूरत:

खाद्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास रोजगार का सबसे बड़ा आधार बन चुका है। बदलती तकनीक और औद्योगिक जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आईटीआई जैसे संस्थान युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

मंत्री राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्किल इंडिया मिशन देश के युवाओं को नई दिशा दे रहा है। इस अभियान के माध्यम से लाखों युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिले हैं। वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भी तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए कदम उठा रही है, जिससे युवाओं को बेहतर सुविधाएं और अवसर मिल रहे हैं।

क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर :

आईटीआई भवन की स्वीकृति मिलने पर क्षेत्रवासियों ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के प्रति आभार व्यक्त किया है।उनका कहना है कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी और युवाओं के भविष्य को नई दिशा देगी।राहतगढ़ में आईटीआई के निर्माण से न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि क्षेत्र के युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर