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चित्रकूट में दीपावली अमावस्या मेले का आगाज, कामतानाथ के दर्शन को पहुंचने लगे श्रद्धालु

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चित्रकूट में दीपावली अमावस्या मेले का आगाज, कामतानाथ के दर्शन को पहुंचने लगे श्रद्धालु


चित्रकूट, 06 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना जिले की धार्मिक नगरी चित्रकूट में दीपावली अमावस्या मेले का शुक्रवार से आगाज हो गया। भगवान कामतानाथ के दर्शन, कामदगिरि परिक्रमा और मंदाकिनी में स्नान के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। 6 से 10 नवंबर तक चलने वाले पांच दिवसीय मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और मूलभूत सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं।

शुक्रवार को कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सतीश कुमार एस ने चित्रकूट विकास प्राधिकरण कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर विभागवार जिम्मेदारियां तय कीं। उन्होंने मेले के दौरान व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, नगर निगम आयुक्त डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, जिला पंचायत सीईओ सपना त्रिपाठी, अपर कलेक्टर विकास सिंह और एसडीएम मझगवां महिपाल सिंह गुर्जर सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

कलेक्टर ने सुरक्षा, यातायात, पेयजल, सफाई, प्रकाश, स्वास्थ्य सेवाओं और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक के बाद उन्होंने मेला नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया तथा सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रथम मुखारबिंद पहुंचकर श्रद्धालुओं की आवाजाही और दर्शन व्यवस्था का जायजा लिया।

परिक्रमा मार्ग और घाटों पर विशेष इंतजाम

मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कामदगिरि परिक्रमा मार्ग, प्रमुख घाटों और संपर्क मार्गों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। हनुमान धारा तक श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान बनाने के लिए पीपा पुल तैयार किया गया है। वहीं राघव प्रयाग घाट पर प्रकाश व्यवस्था भी चालू कर दी गई है। घाटों और पुलों पर सुरक्षा इंतजाम, मार्गों की मरम्मत तथा भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अग्नि सुरक्षा के मद्देनजर 6 से 10 नवंबर तक कामदगिरि परिक्रमा मार्ग सहित धार्मिक स्थलों पर गीले नारियल, अगरबत्ती, धूप और कपूर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। मेला अवधि में भारी वाहनों के प्रवेश पर भी रोक रहेगी। परिक्रमा मार्ग और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ का दबाव नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा पार्किंग, बैरिकेडिंग, संकेतक, खोया-पाया केंद्र और आश्रय स्थलों की व्यवस्था की गई है। पेयजल, सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं और बिजली आपूर्ति पर भी लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

ऑटो का किराया निर्धारित, अधिक वसूली पर होगी कार्रवाई

मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को ऑटो चालकों की मनमानी वसूली से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने विभिन्न मार्गों का किराया निर्धारित कर दिया है। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सतना के 4 नवंबर 2026 के आदेश के अनुसार प्रति व्यक्ति किराया इस प्रकार रहेगा।

राजौला से रामघाट बस स्टैंड : 20 रुपये

हनुमान धारा से वन देवी : 10 रुपये

राजौला से शांतिधाम चौराहा : 20 रुपये

राजौला से सती अनुसुइया : 30 रुपये

सती अनुसुइया से गोदावरी : 30 रुपये

राजौला से गोदावरी : 30 रुपये

राजौला से हनुमान धारा : 30 रुपये

निर्धारित दरों से अधिक किराया वसूलने की शिकायत मिलने पर परिवहन विभाग को संबंधित ऑटो चालकों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन के सामने मेले के दौरान सबसे बड़ी चुनौती कामदगिरि परिक्रमा मार्ग, घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने की होगी। पांच दिवसीय मेले में व्यवस्थाओं की वास्तविक परीक्षा श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के बीच होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी