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जबलपुर : 46 स्कूली वाहन जब्त होने से मचा हड़कंप, कलेक्ट्रेट पहुंचे चालक, बोले- कार्रवाई से रोजी-रोटी पर संकट

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जबलपुर : 46 स्कूली वाहन जब्त होने से मचा हड़कंप, कलेक्ट्रेट पहुंचे चालक, बोले- कार्रवाई से रोजी-रोटी पर संकट


जबलपुर, 06 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस और आरटीओ की संयुक्त कार्रवाई के बाद शहर के स्कूली वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। अचानक हुई कार्रवाई में 46 स्कूली वाहनों को जब्त किए जाने के विरोध में मंगलवार को जबलिपुरम् स्कूल वाहन चालक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में चालक कलेक्ट्रेट पहुंच गए। वाहन चालकों ने प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर से कार्रवाई में राहत देने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की।

वाहन चालकों का कहना है कि वे लंबे समय से निजी वाहनों के माध्यम से स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। बिना पूर्व सूचना अचानक की गई कार्रवाई से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। चालकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।

जबलिपुरम् स्कूल वाहन चालक संघ के सचिव धनराज पटेल और उपाध्यक्ष अमित राजपूत के मुताबिक, यातायात विभाग ने अचानक कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में स्कूली वाहनों को जब्त किया है। इस संबंध में चालक आरटीओ कार्यालय भी पहुंचे और अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली। उन्हें कलेक्टर से मिलने की सलाह दी गई।

इसके बाद मंगलवार को संघ के सदस्य सदर पेंटीनाका चौक पर एकत्र हुए। यहां बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई और बड़ी संख्या में चालक कलेक्ट्रेट पहुंच गए। चालकों का कहना है कि वे नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन कार्रवाई से पहले उन्हें आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने और वाहनों को नियमानुसार करने का अवसर दिया जाना चाहिए था।

कार्रवाई के विरोध में वाहन चालकों ने मंगलवार को बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने का काम बंद रखा। अचानक स्कूली वाहनों के पहिए थमने से शहर के कई इलाकों में अभिभावकों और स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। संघ ने साफ किया है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो हड़ताल को अनिश्चितकाल तक बढ़ाया जा सकता है।

स्कूली वाहन चालकों की अचानक हड़ताल से अभिभावक भी परेशान नजर आए। कई अभिभावकों को हड़ताल की जानकारी नहीं थी। वे रोज की तरह बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार कर वाहन का इंतजार करते रहे। वहीं कामकाजी अभिभावकों ने किसी तरह सुबह बच्चों को स्कूल पहुंचाया, लेकिन छुट्टी के बाद उन्हें बच्चों को वापस घर लाने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी।

वाहन चालकों ने कलेक्टर से मांग की है कि जब्त किए गए वाहनों के मामले में मानवीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें नियमों के दायरे में लाने का अवसर दिया जाए, ताकि बच्चों का परिवहन भी प्रभावित न हो और सैकड़ों वाहन चालकों की आजीविका भी बची रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक