रीवा : संस्कारयुक्त शिक्षा से ही समाज का विकास संभव: राजेंद्र शुक्ल
रीवा, 05 अप्रैल (हि.स.)।
मध्य प्रदेश के रीवा जिले के जवा में आयोजित रजत जयंती समारोह में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा ही मानव समाज के कल्याण और क्षेत्रीय विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों की स्थापना का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और समाज निर्माण है।
रविवार को उप मुख्यमंत्री जवा स्थित ईश्वरचन्द्र विद्यासागर महाविद्यालय के रजत जयंती समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय की स्थापना उच्च शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था और इसके विकास में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी का योगदान अविस्मरणीय है।
उन्होंने कहा कि रजत जयंती समारोह संस्थान की यात्रा के मूल्यांकन का अवसर होता है। रीवा जिले में तेजी से विकास हो रहा है और इसका लाभ युवाओं को मिलेगा। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर देश और समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। साथ ही स्वस्थ जीवन के लिए प्राकृतिक खेती और संतुलित खान-पान अपनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि दिसंबर तक जवा अंचल के 400 से अधिक गांवों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है।
इस अवसर पर सांसद जनार्दन मिश्र ने कहा कि जवा क्षेत्र के छात्र प्रावीण्य सूची में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं को नशामुक्त रहकर समाज निर्माण में भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम में सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह ने शिक्षा को विकास का आधार बताते हुए कहा कि महाविद्यालय क्षेत्र में उच्च शिक्षा की आवश्यकता को पूरा कर रहा है और भविष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
महाविद्यालय के संरक्षक रमाशंकर मिश्रा ने बताया कि संस्थान की स्थापना वर्ष 1994 में हुई थी और तब से यह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे रहा है। कार्यक्रम में प्राचार्य के.के. शुक्ला ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस दौरान स्मारिका का विमोचन, पूर्व छात्रों का सम्मान तथा अतिथियों का शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह देकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम से पहले उप मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय के विस्तारित भवन का लोकार्पण भी किया।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

