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रीवाः डिप्टी सीएम शुक्ल के बंगले में घुसे कांग्रेस कार्यकर्ता, पुलिस ने खदेड़ा

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रीवाः डिप्टी सीएम शुक्ल के बंगले में घुसे कांग्रेस कार्यकर्ता, पुलिस ने खदेड़ा


रीवाः डिप्टी सीएम शुक्ल के बंगले में घुसे कांग्रेस कार्यकर्ता, पुलिस ने खदेड़ा


पिता का पांचवें दिन भी आमरण अनशन, भोपाल में सीबीआई जांच को लेकर धरना

भोपाल/ रीवा, 06 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में रविवार को रीवा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के बंगले के बाहर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ता बंगले के अंदर प्रवेश कर गए। पुलिस ने उन्हें बाहर निकाला। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संजय गांधी अस्पताल में इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि अब तक हुई निलंबन और प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

पिता का पांचवें दिन भी आमरण अनशन

इधर, बेटी कल्पना को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उसके पिता रामशिरोमणि मिश्रा का सिरमौर चौराहे पर आमरण अनशन रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। परिवार की प्रमुख मांग है कि कल्पना और उसके नवजात बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।

परिवार और समर्थकों ने रविवार को जिलेभर के लोगों से धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करने की अपील भी की। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल दाे दिन पहले शुक्रवार काे धरना स्थल पहुंचकर परिवार से मुलाकात कर चुके हैं और निष्पक्ष जांच व कार्रवाई का भरोसा दिला चुके हैं। हालांकि, पिता एफआईआर दर्ज होने की मांग पर आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

भोपाल में सीबीआई जांच की मांग को लेकर धरना

मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर विंध्य नागरिक अधिकार मंच ने रविवार को भोपाल में गांधी प्रतिमा के सामने एकदिवसीय सांकेतिक धरना दिया। मंच अध्यक्ष दिलीप तिवारी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में विंध्य क्षेत्र के नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कल्पना को न्याय दिलाने, सीबीआई जांच कराने और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर नारेबाजी की। मंच ने मजिस्ट्रियल जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।

मंच अध्यक्ष दिलीप तिवारी ने कहा कि यदि सरकार ने सीबीआई जांच की मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो विंध्य क्षेत्र के लोगों को भोपाल में जुटाकर मुख्यमंत्री आवास के घेराव का आंदोलन किया जाएगा। मंच ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई।

स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मंच ने लगाए आरोप

विंध्य नागरिक अधिकार मंच ने रीवा की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी कई आरोप लगाए। मंच का दावा है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को पर्याप्त उपचार नहीं मिल रहा और कुछ चिकित्सकों के निजी नर्सिंग होम से जुड़े होने के कारण हितों के टकराव की स्थिति बन रही है। मंच ने ऐसे मामलों की स्वतंत्र जांच और दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

प्रदर्शनकारियों ने सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों में कथित गड़बड़ियों की भी जांच की मांग की। मंच ने दावा किया कि कुछ मामलों में रिकॉर्ड में मरीजों के इलाज और मृत्यु से संबंधित गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है।

26 अगस्त को हुई थी जच्चा-बच्चा की मौत

बता दे कि बैकुंठपुर के हटवा निवासी कल्पना मिश्रा (25) को 25 अगस्त को रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 26 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे उसका सी-सेक्शन किया गया। परिजनों के अनुसार ऑपरेशन के करीब तीन घंटे बाद कल्पना और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। मौत से पहले का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कल्पना महिला वार्ड से बाहर निकलकर मदद मांगती नजर आ रही है। परिवार का आरोप है कि वीडियो इलाज के दौरान उसकी परेशानी और मदद की गुहार को दर्शाता है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण और इलाज में चिकित्सकीय लापरवाही की जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

चार स्वास्थ्यकर्मी निलंबित, अधीक्षक भी हटाए गए

मामले में अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए ड्यूटी डॉक्टर सोनल अग्रवाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ/एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. निधि पांडे और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया है। इसके अलावा संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटाने का आदेश जारी किया गया। उनकी जगह डॉ. प्रियंक शर्मा को अस्पताल की जिम्मेदारी दी गई है।

29 अगस्त को मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई थी। इसके बाद 4 सितंबर को मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए। जांच में कल्पना के अस्पताल में भर्ती होने से लेकर मौत तक इलाज की प्रक्रिया, चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के पालन और मौत की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। परिवार की मांग पर पोस्टमार्टम भी कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर

कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में स्वास्थ्यकर्मियों के निलंबन, अस्पताल अधीक्षक को हटाने और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश के बाद अब निगाह जांच रिपोर्ट पर है। परिवार और सामाजिक संगठन कार्रवाई को पर्याप्त नहीं मान रहे हैं और एफआईआर के साथ सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर कहा गया है कि जांच के निष्कर्ष के आधार पर जिम्मेदारी तय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे