पहली ही तेज बारिश में ढहा रीवा बीहर रिवरफ्रंट, करोड़ों के निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
रीवा, 26 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में मूसलाधार बारिश और बाढ़ का पानी उतरने के बाद सरकारी निर्माण कार्यों की हकीकत सामने आने लगी है। बीहर नदी पर पीपीपी योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से विकसित किए गए बीहर रिवरफ्रंट फेस-वन का बड़ा हिस्सा तेज जल प्रवाह की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया है। पहली ही तेज बारिश में रिवरफ्रंट की स्थिति ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाबा घाट से पंचमठा मंदिर तक भारी नुकसान
बीहर नदी का जलस्तर कम होने के बाद जब लोग रिवरफ्रंट क्षेत्र में पहुंचे तो वहां व्यापक नुकसान देखने को मिला। बाबा घाट से पंचमठा मंदिर तक बनाए गए रिवरफ्रंट के कई हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। जगह-जगह लगी टाइल्स और पेवर ब्लॉक उखड़कर बिखरे पड़े हैं। कई स्थानों पर फर्श का हिस्सा पूरी तरह बह गया है। तेज बहाव के कारण रेलिंग भी कई जगह टेढ़ी हो गई है और कुछ हिस्से टूटकर गिर चुके हैं। नदी के पानी ने रिवरफ्रंट के किनारों को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। हालात देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि तेज जल प्रवाह के सामने निर्माण की मजबूती टिक नहीं सकी।
बाउंड्री वॉल की नींव में कटाव, कभी भी गिरने का खतरा
रिवरफ्रंट की बाउंड्री वॉल को लेकर स्थिति और अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। कई स्थानों पर पानी के तेज बहाव के कारण दीवार के नीचे की मिट्टी और नींव का हिस्सा बह गया है। इससे बाउंड्री वॉल के कुछ हिस्से असुरक्षित स्थिति में पहुंच गए हैं और उनके गिरने का खतरा बना हुआ है।
यदि इन हिस्सों को तत्काल सुरक्षित नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
रिवरफ्रंट के क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और इस्तेमाल की गई सामग्री को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए किसी निर्माण की ऐसी स्थिति पहली ही तेज बारिश में सामने आना गंभीर विषय है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण में मजबूत नींव और टिकाऊ सामग्री के मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि यदि सामान्य मानसूनी बारिश और नदी के तेज बहाव में ही रिवरफ्रंट का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है तो आने वाले वर्षों में इसकी स्थिति क्या होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने बीहर रिवरफ्रंट फेस-वन के निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी और गुणवत्ता जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही निर्माण में सामने आई खामियों के लिए जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से क्षतिग्रस्त हिस्सों को लेकर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर हैं कि करोड़ों रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के क्षतिग्रस्त होने की तकनीकी जांच कब शुरू होती है और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय की जाती है।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

