विंध्य को मिलेगी बड़ी सौगात, संजय गांधी अस्पताल में स्थापित होगी संभाग की पहली एनएटी लैब
रीवा, 6 नवंबर (हि.स.)। विंध्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। रीवा के संजय गांधी अस्पताल में न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग (एनएटी) प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है। यह रीवा संभाग की पहली एनएटी लैब होगी। इसके शुरू होने से रक्तदान से प्राप्त रक्त की जांच अत्याधुनिक आणविक तकनीक से की जा सकेगी। इससे एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी जैसे संक्रमणों की शुरुआती अवस्था में पहचान करना संभव होगा।
वायरस के आनुवंशिक पदार्थ की होगी पहचान
एनएटी यानी न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग एक उन्नत आणविक जांच तकनीक है। इसमें वायरस के आनुवंशिक पदार्थ डीएनए या आरएनए की पहचान की जाती है। सामान्य जांच में संक्रमण का पता लगाने के लिए शरीर में एंटीबॉडी बनने का इंतजार करना पड़ता है, जबकि एनएटी तकनीक सीधे वायरस की मौजूदगी का पता लगाती है। इससे संक्रमण की पहचान सामान्य जांच की तुलना में शुरुआती दिनों में ही हो सकती है।
रक्त चढ़ाने से संक्रमण का खतरा होगा कम
प्रयोगशाला स्थापित करने का प्रमुख उद्देश्य रक्त की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। रक्त केंद्रों में रक्तदाताओं से प्राप्त रक्त की जांच के दौरान विंडो पीरियड की चुनौती सामने आती है। इस अवधि में संक्रमण मौजूद होने के बावजूद सामान्य जांच में उसका पता नहीं चल पाता। एनएटी तकनीक से जांच करने पर एचआईवी और हेपेटाइटिस-बी एवं सी के संक्रमण की पहचान की संभावना बढ़ जाएगी।
इस व्यवस्था के तहत रीवा मेडिकल कॉलेज की एनएटी प्रयोगशाला केंद्रीय जांच केंद्र के रूप में कार्य करेगी। फिलहाल इसकी स्थापना का काम चल रहा है।
संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक प्रियंक शर्मा ने बताया कि रीवा सहित विंध्य क्षेत्र के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में गंभीर मरीजों को रक्त और उसके विभिन्न घटकों की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे मरीजों के लिए सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। एनएटी प्रयोगशाला शुरू होने से रक्त की जांच व्यवस्था मजबूत होगी और रक्त चढ़ाने के दौरान संक्रमण फैलने की आशंका कम करने में मदद मिलेगी।
दुर्घटना और प्रसव के मरीजों को होगा लाभ
इस सुविधा का लाभ दुर्घटनाओं में घायल मरीजों, प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव से जूझने वाली महिलाओं, गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों और बड़ी सर्जरी कराने वाले मरीजों को मिलेगा। इन मरीजों को कई बार तत्काल रक्त और रक्त के विभिन्न घटकों की जरूरत होती है। ऐसे में रक्त की संक्रमणमुक्तता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
एनएटी लैब शुरू होने से रीवा सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में रक्त सुरक्षा की जांच व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। संजय गांधी अस्पताल में ही उन्नत जांच की सुविधा उपलब्ध होने से अन्य स्थानों पर निर्भरता कम होगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

