रीवाः अवैध शराब के कारोबार पर प्रशासन ने कसा शिकंजा
रीवा, 06 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने शुक्रवार को जिला पंचायत सीईओ और जिले के सभी अनुभागों के एसडीएम को निर्देश जारी करते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर अवैध शराब के कारोबार पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक अनुभाग में एसडीएम को अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में निगरानी तंत्र सक्रिय कराने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन का उद्देश्य अवैध शराब के निर्माण से लेकर उसके संग्रहण, परिवहन और बिक्री तक की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
ग्राम पंचायत स्तर पर सक्रिय होगा सूचना तंत्र
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब के कारोबार से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। ग्राम पंचायतों में जिम्मेदार व्यक्तियों के माध्यम से ऐसी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई कर सके।
कोटवार आबकारी विभाग को देंगे सूचना
इस अभियान में ग्राम पंचायतों के कोटवारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि जिले की सीमा क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के कोटवार अपने-अपने क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी तत्काल आबकारी अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आबकारी विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
लोक स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन गंभीर
कलेक्टर ने अवैध एवं कच्ची शराब के कारोबार को कानून व्यवस्था, लोक स्वास्थ्य और सामाजिक वातावरण के लिए गंभीर चुनौती बताया है। अवैध शराब के सेवन से जनहानि जैसी घटनाओं की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने इस पर प्रभावी नियंत्रण को प्राथमिकता में रखा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निगरानी व्यवस्था केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि मैदानी स्तर पर भी इसका असर दिखाई देना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं बिक्री की जानकारी सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं ।जिला प्रशासन की इस पहल के बाद अब ग्राम पंचायतों से लेकर अनुभाग स्तर तक अवैध शराब के कारोबार पर निगरानी की व्यवस्था रहेगी। एसडीएम, पंचायत स्तर के जिम्मेदार तंत्र और आबकारी विभाग के बीच समन्वय से इस अभियान को प्रभावी बनाने की तैयारी है। अब देखना होगा कि प्रशासन के इन निर्देशों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब के कारोबार पर कितनी प्रभावी रोक लग पाती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

