अनूपपुर: महिलाओं एवं बच्चों के विकास के लिए मैदानी अमला करें बेहतर कार्य, लापरवाही पर होगी कार्यवाही - कलेक्टर
अनूपपुर, 12 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कलेक्टर हर्षल पंचोली शुक्रवार को आयोजित महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कहां महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले को अपने दायित्वों का बेहतर एवं सक्रियता के साथ निर्वहन करने के निर्देश देते हुए कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास तथा उनके पोषण स्तर में सुधार के लिए शासन द्वारा निर्धारित सभी गतिविधियों का प्रभावी ढंग से संचालन सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मैदानी स्तर पर बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करें और लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
जिला परियोजना समन्वयक महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक माह सेक्टर स्तरीय बैठक आयोजित की जाए। साथ ही महिलाओं एवं बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और उन्हें मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं एवं योजनाओं से संबंधित गतिविधियों का मासिक कैलेंडर तैयार कर जारी किया जाए। कलेंडर में विभाग द्वारा संचालित सभी कार्यक्रमों और गतिविधियों का स्पष्ट विवरण शामिल हो तथा उनका क्रियान्वयन निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे और मैदानी स्तर पर उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
उन्होंने पोषण ट्रैकर पोर्टल पर महिलाओं एवं बच्चों के फेस कैप्चर, ई-केवाईसी तथा समग्र सत्यापन की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों को अभियान चलाकर लंबित ई-केवाईसी कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले की सभी जनपद पंचायतों में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पोषण आहार वितरण कार्यक्रम की भी समीक्षा की तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अपार आईडी निर्माण की प्रगति की जानकारी में बताया कि जिले में कुल 27,307 बच्चों के लिए अपार आईडी बनाए जाने का लक्ष्य है, जिनमें से अब तक 19,927 बच्चों की अपार आईडी तैयार की जा चुकी है। जिस पर कलेक्टर ने शेष बच्चों की अपार आईडी बनाने के लिए विशेष शिविर आयोजित कर कार्य को व्यवस्थित एवं समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने आभा आईडी निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए तथा इनका बेहतर प्रचार प्रसार भी किया जाए जिससे ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। जिले में परियोजनावार कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सुपरवाइजरों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के उपचार एवं पोषण सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तथा आवश्यकता अनुसार उन्हें जिले के सभी पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराया जाए।
अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले की धात्री एवं गर्भवती माताओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र महिलाओं को समय पर पोषण आहार उपलब्ध कराया जाए तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं की नियमित निगरानी की जाए। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में एलईडी टीवी एवं जल शुद्धिकरण प्रणाली की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की तथा कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिला परियोजना समन्वयक महिला एवं बाल विकास विभाग विनोद परस्ते सहायक संचालक मंजूषा शर्मा सहित महिला बाल विकास विभाग के सभी ब्लॉक परियोजना समन्वयक एवं सुपरवाइजर उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

