home page

मंगसौरः गेहूं उपार्जन में रिकॉर्ड पंजीयन, जिले के 55 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन

 | 
मंगसौरः गेहूं उपार्जन में रिकॉर्ड पंजीयन, जिले के 55 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन


मंदसौर, 09 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने के उद्देश्य से जिले में गेहूं उपार्जन हेतु पंजीयन का कार्य जारी है। मंदसौर जिले में अब तक लगभग 55 हजार किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 115 प्रतिशत अधिक है। गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 10 मार्च निर्धारित की गई है।

जिला प्रशासन द्वारा सोमवार को जानकारी दी गई कि जिले में पिछले वर्ष 47 हजार 761 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया था, जबकि इस वर्ष अब तक 54 हजार 944 किसानों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है और पंजीयन प्रक्रिया अभी भी जारी है। शासन द्वारा गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, साथ ही किसानों को बोनस का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पंजीयन पूर्ण होने के कुछ दिनों बाद खरीदी केंद्रों पर गेहूं खरीदी का कार्य प्रारंभ होगा। इसके लिए सभी खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पहले पूर्ण की जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्रों पर भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वेयरहाउस की नियमित जांच की जाए तथा इसके लिए व्यवस्थित चेकअप प्लान तैयार किया जाए। साथ ही खरीदी से जुड़े कर्मचारियों को गेहूं की गुणवत्ता संबंधी प्रशिक्षण देने तथा केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बारदान उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने यह भी कहा कि पंजीयन एवं गिरदावरी की प्रक्रिया का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए तथा यदि किसी प्रकार की समस्या सामने आती है तो उसे तुरंत साझा कर उसका त्वरित समाधान किया जाए। इसके अलावा सरसों उपार्जन के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 20 मार्च निर्धारित की गई है, इसलिए सभी किसान समय सीमा के भीतर सरसों का पंजीयन अवश्य कराएं। जिले में अन्य फसलों के पंजीयन के अंतर्गत चना के लिए 11 हजार 696 किसानों, मसूर के लिए 4 हजार 67 किसानों तथा सरसों के लिए 3 हजार 145 किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। जिला प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि उपार्जन कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया