रतलाम: ई-स्कूटी में ब्लास्ट से घर में लगी आग, मां-बेटी 60% झुलसीं
रतलाम, 19 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रतलाम में विंध्यावासिनी कॉलोनी में बुधवार तड़के करीब 4 बजे घर के अंदर रखी नई ई-स्कूटी में अचानक धमाका हो गया। धमाके के बाद लगी आग ने देखते ही देखते पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि घर का लगभग पूरा सामान जलकर राख हो गया। कूलर और पंखे तक पिघल गए। पड़ोसियों ने किसी तरह मां-बेटियाें को घर से बाहर निकाला।
हादसे में कमरे में सो रही 36 वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बिंदुकुंवर और उनकी 16 वर्षीय बेटी अंतिम करीब 60 प्रतिशत झुलस गईं, जबकि बड़ी बेटी विजयलक्ष्मी बाल-बाल बच गई। गंभीर रूप से झुलसी दोनों को पहले जिला अस्पताल और बाद में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बिंदुकुंवर के जीजा वीरेंद्र सिंह के मुताबिक, परिवार ने करीब 10 दिन पहले माणक चौक स्थित एक शोरूम से करीब 85 हजार रुपए में नई ई-स्कूटी खरीदी थी। हादसे के वक्त स्कूटी चार्जिंग पर नहीं लगी थी। रात में सोने से पहले स्कूटी का चार्जिंग प्लग भी निकाल दिया गया था। इसके बावजूद तड़के अचानक स्कूटी में आग लगी और कुछ ही देर में धमाके के साथ आग पूरे कमरे में फैल गई। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि स्कूटी जलकर सिर्फ लोहे के ढांचे में बदल गई।
चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी पहुंचे
हादसे के समय बिंदुकुंवर, उनकी छोटी बेटी अंतिम और बड़ी बेटी विजयलक्ष्मी कमरे में सो रही थीं। धुआं और आग देखकर उनकी नींद खुली तो कमरे में चारों तरफ आग फैल चुकी थी। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। घर का दरवाजा अंदर से बंद था, इसलिए सभी को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसी दौरान मां और छोटी बेटी आग की चपेट में आ गईं। विजयलक्ष्मी ने दोनों का हाथ पकड़ा और उन्हें छत के रास्ते पड़ोसी की छत तक पहुंचाया। वहां से तीनों नीचे उतरकर घर से बाहर निकल सकीं। घर में रसोई गैस सिलेंडर भी रखा था। आग फैलने के दौरान पड़ोसियों ने उसे समय रहते बाहर निकाल लिया। अगर सिलेंडर आग की चपेट में आ जाता तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था।
सूचना के बाद नगर निगम की दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक घर का अधिकांश सामान जल चुका था। पड़ोसियों का आरोप है कि हादसे के बाद कई बार एंबुलेंस को फोन किया गया, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद घायलों को निजी वाहन से रतलाम जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों मां-बेटी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। दोनों करीब 60 प्रतिशत झुलसी हैं।
बड़ी बेटी ने बताया- 'मां और बहन जलते हुए बाहर आए'
विजयलक्ष्मी के मुताबिक, वे रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच सो गए थे। सुबह करीब 4 बजे नींद खुली तो उन्होंने देखा कि कमरे में रखी स्कूटी में आग लगी हुई है। उन्होंने सबसे पहले घर में रखी गैस टंकी का बटन बंद किया और ऊपर जाकर गेट खोलने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी छोटी बहन डरकर पीछे वाले कमरे में चली गई। मां उसे लेने गईं, तभी आग अचानक तेज हो गई। विजयलक्ष्मी ने बताया कि मां और छोटी बहन को जलते हुए बाहर आते देखा तो उन्होंने दोनों का हाथ पकड़ा और किसी तरह छत तक पहुंचाया। वहां से पड़ोसी की छत पर जाकर तीनों घर से बाहर निकले। इस दौरान विजयलक्ष्मी के पैर में मामूली चोट आई, जबकि उनकी मां और छोटी बहन गंभीर रूप से झुलस गईं।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

