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सागर : 5 राशन दुकानों के लाइसेंस रद्द, विक्रेताओं पर एफआईआर दर्ज

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सागर : 5 राशन दुकानों के लाइसेंस रद्द, विक्रेताओं पर एफआईआर दर्ज


सागर, 02 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में गरीबों के राशन में धांधली करने वाले राशन विक्रेताओं पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को खाद्य विभाग ने 5 शासकीय उचित मूल्य राशन दुकानों के विक्रेताओं के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है। जांच में लाखों रुपये के खाद्यान्न गबन की पुष्टि हुई है, जिसके बाद प्रशासन ने इन सभी दुकानों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन और समाचार पत्रों के माध्यम से स्थानीय निवासियों द्वारा लगातार राशन न मिलने और वितरण में अनिमियतताओं की शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए खाद्य अधिकारियों सहायक आपूर्ति अधिकारी श्रीमती चारू जैन और प्रभारी सहायक आपूर्ति अधिकारी अभिषेक मोर ने गांधीचौक, रामपुरा, शास्त्री वार्ड तथा शिवाजीनगर स्थित दुकानों का औचक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया।

जांच के दौरान स्टॉक संधारण न होना, समय पर दुकान न खुलना और वास्तविक खाद्यान्न वितरण में भारी हेरफेर जैसी गंभीर लापरवाही पाई गई। भौतिक सत्यापन में दुकानों से भारी मात्रा में राशन गायब मिला।

सुबेदार वार्ड (कोड 1001046):

वर्तमान विक्रेता (ध्रुव रजक): 2,236 किग्रा गायब राशन (मूल्य ₹1,45,680)

पूर्व विक्रेता (अतुल तिवारी): 5,60,012 किग्रा गायब राशन (मूल्य ₹15,67,329)

शास्त्री वार्ड (कोड 1001020):

विक्रेता: श्रीमती रमा तिवारी एवं अनुरोध तिवारी — 47,291 किग्रा गायब राशन (मूल्य ₹14,55,230)

गांधीचौक वार्ड (कोड 1001039):

वर्तमान विक्रेता (अनुराग सोनी): 3,293 किग्रा गायब राशन (मूल्य ₹1,04,664.50)

पूर्व विक्रेता (अतुल तिवारी): 24,054 किग्रा गायब राशन (मूल्य ₹7,49,500)

रामपुरा वार्ड (कोड 1001057):

विक्रेता (अतुल तिवारी): 15,544 किग्रा गायब राशन (मूल्य ₹4,75,260)

शिवाजीनगर वार्ड (कोड 1001007):

विक्रेता (दीपक श्रीवास्तव): 20,362 किग्रा गायब राशन (मूल्य ₹6,47,610)

प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पांचों दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। आम जनता को राशन सप्लाई में बाधा न आए, इसके लिए इन्हें पास की अन्य दुकानों से अटैच किया गया है।

दोषी विक्रेताओं के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 316(5) व 318(4) के तहत संबंधित पुलिस थानों में आपराधिक मामला दर्ज कराया गया है। प्रशासन अब गबन की गई राशि की राजस्व वसूली की तैयारी कर रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे