राजगढ़ः राधास्वामी सत्संग में मानव जीवन के उद्देश्य पर प्रवचन, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल
राजगढ़, 21 जनवरी (हि.स.)। पृथ्वी पर असंख्य प्रकार के जीव-जंतु मौजूद हैं। भोजन करना और संतान उत्पन्न करना सभी करते हैं, लेकिन यदि मानव योनि में जन्म मिला है तो उसका वास्तविक उद्देश्य परमात्मा की प्राप्ति होना चाहिए। यह विचार राधास्वामी सत्संग के दूसरे दिन बुधवार को अमृतसर (ब्यास) से आए सत्संग प्रवक्ता जसदीप सिंह गिल ने श्रद्धालुओं के बीच व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मानव जीवन केवल सांसारिक भोग-विलास के लिए नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और ईश्वर प्राप्ति के लिए मिला है।
जसदीप सिंह गिल ने अपने प्रवचन में नारी के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नारी के बिना संसार अधूरा है और समाज के निर्माण में उसकी भूमिका पुरुष के समान ही महत्वपूर्ण है। नारी भी समान अधिकार और समान भागीदारी की पूर्ण हकदार है। समाज को चाहिए कि वह स्त्री-पुरुष के बीच भेदभाव को समाप्त कर समरसता और समानता को अपनाए।
राधास्वामी सत्संग के दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। जिले एवं आसपास के क्षेत्रों से आए समर्थक प्रातः चार बजे से ही सत्संग स्थल पर पहुंचने लगे थे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 9 बजे से 9:30 बजे तक सेवादारों द्वारा सबद का गायन किया गया। इसके पश्चात 9:30 बजे से 10:45 बजे तक जसदीप सिंह गिल ने सत्संग के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया।
सत्संग में शामिल होने के लिए न केवल जिले, बल्कि प्रदेश एवं अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। बीते तीन-चार दिनों से लगातार सत्संग स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। गुरुवार को जिले के बाहर से आए लोगों को नामदान दिया जाएगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
सत्संग के दौरान हाइवे पर वाहनों की संख्या बढ़ने से दिनभर यातायात का दबाव बना रहा। हालांकि पुलिस द्वारा जगह-जगह पाइंट लगाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से बनाए रखा गया, जिससे किसी प्रकार की बड़ी अव्यवस्था नहीं हुई। आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए लगभग 30 हजार सेवादार यातायात, पार्किंग, अनुशासन एवं अन्य सेवाओं में जुटे रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

