मप्रः अरुण यादव ने जैन संतों की मौत मामले में न्यायिक जांच और “संत सुरक्षा नीति” लागू करने की मांग की
भोपाल/खरगोन, 26 मई (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने 20 मई को जैन संत समाज से जुड़ी हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मामले की न्यायिक जांच की मांग उठाई है। उन्होंने इस घटना को केवल सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि देश की आस्था, संस्कृति और मानवता को झकझोर देने वाली घटना बताया।
अरुण यादव ने मंगलवार काे अपने बयान में कहा कि पूज्य श्रुति मति माता एवं उपशममति माता जी का असामयिक समाधि मरण अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि अहिंसा, संयम और मानवता का संदेश देते हुए पैदल विहार कर रही साध्वी माताओं को तेज रफ्तार वाहन द्वारा कुचल दिया जाना बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला है। उन्होंने कहा कि इस घटना को सामान्य सड़क हादसा मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मामले की निष्पक्ष, उच्च स्तरीय और गहन जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों को कठोर सजा मिल सके।
एसआईटी या न्यायिक जांच की मांग
अरुण यादव ने शासन-प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की न्यायिक जांच अथवा विशेष जांच दल (एसआईटी) से विस्तृत जांच कराई जाए। साथ ही घटना से जुड़े सभी डिजिटल और सीसीटीवी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग भी की, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो।
“संत सुरक्षा नीति” लागू करने की मांग
उन्होंने देशभर में पैदल विहार करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार संत समाज की सुरक्षा के लिए सख्त और प्रभावी “संत सुरक्षा नीति” लागू करे। यादव ने कहा कि “संतों की सुरक्षा राष्ट्र की जिम्मेदारी है और न्याय मिलना हर पीड़ित का अधिकार।” उन्होंने दिवंगत साध्वी माताओं को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल जैन समाज एवं श्रद्धालुओं के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

