दतिया: रतनगढ़ शारदीय नवरात्रि मेले की तैयारियां, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर रहेगा विशेष जोर
दतिया, 18 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रतनगढ़ वाली माता मंदिर में शारदीय नवरात्रि और दीपावली दौज मेले की तैयारियों को लेकर गुरुवार को मंदिर परिसर स्थित कार्यालय सभागार में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेले की सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात, पेयजल, स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था और निर्माण कार्यों सहित विभागवार तैयारियों की समीक्षा की गई।
रतनगढ़ माता मंदिर में शारदीय नवरात्रि मेला 11 से 21 अक्टूबर 2026 तथा दीपावली दौज मेला 9, 10 और 11 नवंबर 2026 को आयोजित होगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों आयोजनों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु अनुकूल बनाने के लिए सभी तैयारियां निर्धारित समय में पूरी कर ली जाएं।
कलेक्टर वानखेड़े ने कहा कि रतनगढ़ माता मंदिर में हर वर्ष मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की पहली प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, स्वच्छ वातावरण और जरूरी सुविधाओं की निर्बाध उपलब्धता है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करते हुए अपने दायित्वों का शत-प्रतिशत पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में चल रहे सभी निर्माण कार्य 5 अक्टूबर 2026 तक पूरे कर लिए जाएं। इसके बाद किसी भी तरह का निर्माण कार्य जारी नहीं रहेगा और निर्माण सामग्री हटाकर सभी रास्तों को पूरी तरह बाधामुक्त किया जाएगा।
बैठक में मंदिर आने वाले मार्ग की सीढ़ियों के सुधार, यात्री सदन की किचिन सहित भवन, सुलभ कॉम्प्लेक्स और पार्किंग स्थल से जुड़े कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड दतिया-ग्वालियर के कार्यपालन यंत्री को दिए गए। वहीं दो नई पानी की टंकियों के निर्माण, पेयजल स्टैंड और नई पेयजल लाइन का काम कराने के निर्देश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दिए गए। यह कार्य ऊपर जबारे चबूतरा से मंदिर क्षेत्र तथा नीचे मेला परिसर से बसई मलक तक किया जाना है।
मेले के दौरान स्थायी और अस्थायी पानी की टंकियों के साथ टैंकर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। पानी की टंकियों की निश्चित अंतराल पर सफाई, पानी की सैंपलिंग और हैंडपंप व टंकियों पर निर्धारित कलर कोडिंग की व्यवस्था के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सेवढ़ा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी दतिया को जिम्मेदारी दी गई।
मंदिर मार्ग तथा मेड़पुरा से खमरौली मार्ग पर हुए गड्ढों को ठीक करने और जरूरत के अनुसार सीसी सड़क बनाने के निर्देश भी दिए गए। ग्राम पंचायत खमरौली को यह काम गुणवत्ता के साथ 5 अक्टूबर तक पूरा कराने के निर्देश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सेवढ़ा को दिए गए। बैठक में मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और सभी पहुंच मार्गों की विभागवार समीक्षा की गई। अधिकारियों को सड़क मरम्मत, पुल-पुलियों के रखरखाव, जल निकासी, विद्युत आपूर्ति, हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट, पेयजल, अस्थायी शौचालय, स्नान और स्वच्छता व्यवस्था को समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही पार्किंग, बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण, यातायात डायवर्जन, पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम और लाउडस्पीकर व्यवस्था को भी प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, आपदा प्रबंधन दल, गोताखोर और राहत-बचाव संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में कानून-व्यवस्था, संवेदनशील स्थानों की पहचान, महिला सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की समीक्षा की गई। मेले से पहले अनधिकृत रूप से लगने वाली दुकानों को रोकने के लिए विशेष टीम गठित करने, पार्किंग व्यवस्था, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पेयजल की शुद्धता की निगरानी के निर्देश दिए गए। विद्युत सुरक्षा, वन क्षेत्र की सुरक्षा, नगर स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर भी अधिकारियों के साथ चर्चा हुई। सभी विभागों को अपनी कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय सीमा में उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर वानखेड़े ने कहा कि रतनगढ़ माता मंदिर का मेला जिले की आस्था और प्रतिष्ठा से जुड़ा आयोजन है। सभी विभाग टीम भावना के साथ काम करें और श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने में किसी तरह की कमी न रहे। उन्होंने अधिकारियों को नियमित स्थल निरीक्षण कर तैयारियों की प्रगति से जिला प्रशासन को अवगत कराने के निर्देश दिए। बैठक में आपदा प्रबंधन सहित मेला व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

