home page

सिंहस्थ-2028 की तैयारियां जारी, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता के लिए हो रहा सुविधा का विस्तार

 | 
सिंहस्थ-2028 की तैयारियां जारी, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता के लिए हो रहा सुविधा का विस्तार


सिंहस्थ-2028 की तैयारियां जारी, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता के लिए हो रहा सुविधा का विस्तार


- प्रशासन की टीम शिप्रा नदी के घाट तक पहुंच वाले प्रस्तावित मार्ग चिन्हित करने के कार्य में जुटी

उज्जैन, 11 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व (महाकुम्भ) की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। सिंहस्थ-2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिनको सहज और सुविधाजनक मार्गों से शिप्रा नदी के घाटों तक पहुंचाकर सुरक्षित स्नान कराने के लिए प्रशासन की टीम जुटी हुई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर विश्वस्तरीय अलौकिक सिंहस्थ 2028 महापर्व आयोजन की तैयारियों को लेकर प्रतिदिन सुबह निरीक्षण का दौर चल रहा है। इसी क्रम में सोमवार को सुबह 6 बजे से संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों के दल ने विक्रांत भैरव मंदिर के समीप ब्रिज से निरीक्षण प्रारंभ कर करीब पांच किलोमीटर क्षेत्र में पैदल भ्रमण करते हुए उन्हेल रोड़ ब्रिज के समीप तक शिप्रा नदी पर निर्माणाधीन नवीन घाटों का जायजा लिया।

इस दौरान शिप्रा तट के घाटों का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के घाट तक पहुंचने वाले प्रस्तावित मार्गों के लिए स्थान चिन्हित किए गए। संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विक्रांत भैरव मंदिर से पैदल भ्रमण करते हुए उन्हेल रोड़ तक करीब 5 किलोमीटर एरिया के घाट को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए प्रस्तावित स्थानों का चयन कर सुविधाओं के साथ विकसित करने के निर्देश दिए। तीन दिन में कुल 18 किमी लंबाई से अधिक घाटों का पैदल भ्रमण कर निरीक्षण और अवलोकन किया जा चुका है।

संभागायुक्त सिंह ने शिप्रा नदी के किनारे पैदल भ्रमण करते हुए घाट तक पहुंचने के प्रस्तावित स्थानों में विक्रांत भैरव मंदिर के समीप, श्री कालभैरव मंदिर के पीछे की ओर घाट, श्री कालभैरव ब्रिज के समीप, मौनी बाबा आश्रम के सामने, श्री मंगलनाथ मंदिर के सामने, श्री अंगारेश्वर मंदिर के सामने, श्री सिद्धवट मंदिर के समीप, उन्हेल रोड़ ब्रिज के पास, उन्हेल रोड़ पारस तालाब के समीप, पुरानी गिट्टी की खदान क्षेत्र में निर्माणाधीन ओर पूर्व से निर्मित घाटों के सामने से श्रद्धालुओं को लाने के लिए प्रस्तावित पहुंच मार्ग चिन्हित किए है। शनिवार से सोमवार तक तीन दिन के निरीक्षण के दौरान करीब 18 किलोमीटर क्षेत्र में करीब 60 से अधिक प्रस्तावित मार्ग चिन्हित किए है, जहां से श्रद्धालुओं को घाट तक पहुंचाने के लिए एप्रोच रोड़ का निर्माण किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त सिंह ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित मार्ग चिन्हित करने के समय एप्रोच रोड़ पर सुविधाएं जुटाने वाले सभी विभाग आपसी समन्वय बना लें। जहां के लिए स्थान चिन्हित किए गए है, उसी स्थान पर एप्रोच रोड़ बनाया जाए। संभागायुक्त ने भैरवगढ़ क्षेत्र में उन्हेल मार्ग पर पुरानी गिट्टी खदान क्षेत्र में प्रस्तावित पार्किंग एरिया के साथ जोड़कर नवीन घाट तक पहुंचने के लिए रैम्प की तरह करीब 30 मीटर की एप्रोच रोड़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान अलग-अलग मार्गों से आने वाले श्रद्धालुओं को प्रस्तावित पार्किंग एरिया से नजदीक घाट तक पहुंचाने के लिए सुविधाजनक एप्रोच रोड़ का निर्माण किया जाएगा। जिससे श्रद्धालुओं को अधिक दूरी तक पैदल नही चलना पड़े और स्नान के लिए पहुंच मार्ग भी सरल हो।

कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने प्रशासन के सभी विभागों के अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित स्थलों को ध्यान में रखकर सुविधाजनक एप्रोच रोड़ निर्माण करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अन्य व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्माणाधीन घाट व अन्य विकास कार्यो में उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर