जबलपुर में भारी हंगामे के बीच जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव रद्द
जबलपुर, 20 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव सोमवार को भारी हंगामे और अव्यवस्था के चलते रद्द कर दिए गए। मतदान प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही निर्वाचन स्थल पर बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे पूरे परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और चुनावी गतिविधियां प्रभावित होने लगीं।
इस घटनाक्रम को लेकर बार परिसर और न्यायालयीन क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। कई अधिवक्ताओं ने चुनावी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ ने शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव कराने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
निर्वाचन समिति ने बताया है कि पूरे घटनाक्रम की समीक्षा के बाद चुनाव के लिए नई तिथियों की घोषणा की जाएगी। फिलहाल अधिवक्ता संघ के सदस्य और प्रत्याशी समिति के अगले निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चुनाव संचालन के लिए की गई व्यवस्थाएं भीड़ और विरोध को नियंत्रित करने में अपर्याप्त साबित हुईं। प्रदर्शनकारियों और चुनाव आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों के बीच विवाद की स्थिति बनने के बाद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। हालात बिगड़ते देख चुनाव अधिकारियों ने सुरक्षा और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मतदान प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया।
चुनाव रद्द किए जाने की आधिकारिक घोषणा के बाद अधिवक्ताओं और विभिन्न पदों के प्रत्याशियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
जिला अधिवक्ता संघ चुनाव के दौरान उत्पन्न विवाद और भारी हंगामे के बीच मुख्य चुनाव अधिकारी जीएस ठाकुर ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। चुनाव प्रक्रिया बाधित होने और निर्वाचन स्थल पर बने तनावपूर्ण माहौल के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। जीएस ठाकुर ने कहा कि जिस प्रकार के अशांत और दबावपूर्ण वातावरण में चुनाव कराए जा रहे थे, उसमें निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न कराना संभव नहीं रह गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिस्थितियों को देखते हुए वे अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी के पद पर बने नहीं रह सकते।
बताया जा रहा है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान हुए घटनाक्रम, विरोध प्रदर्शन और उत्पन्न अव्यवस्था की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर तत्काल राज्य अधिवक्ता परिषद को भेज दी गई है। रिपोर्ट में चुनाव रद्द होने के कारणों और पूरे घटनाक्रम का उल्लेख किया गया है। मुख्य चुनाव अधिकारी के इस्तीफे के बाद अधिवक्ता संघ चुनाव को लेकर स्थिति और अधिक चर्चा का विषय बन गई है। अब सभी की निगाहें राज्य अधिवक्ता परिषद के अगले कदम और चुनाव की नई प्रक्रिया को लेकर होने वाले निर्णय पर टिकी हुई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

