कांग्रेस की एक नवंबर की दिल्ली महारैली में उमरिया से जुटेंगे कार्यकर्ता
उमरिया, 28 अक्टूबर (हि.स.)। कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए संघर्ष तेज करने का ऐलान किया है। जिला कांग्रेस की ओर से बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक अशोक जगताप ने केंद्र सरकार, निर्वाचन आयोग और मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा दौर में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्षता चुनौती के घेरे में है।
जगताप ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया और स्वतंत्र मीडिया जरूरी हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में दोनों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े कॉरपोरेट घरानों के बढ़ते प्रभाव से मीडिया की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता की भूमिका कमजोर पड़ रही है।
जगताप ने दावा किया कि महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रक्रिया के कारण गरीब और वंचित वर्ग के लोग अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होने पर लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल और गहरे होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान जनता के मताधिकार की रक्षा करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित होने वाली इस महारैली को सफल बनाने के लिए जिले के कांग्रेसजनों को एकजुट होकर भागीदारी निभानी चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी

