home page

उज्जैन में वीवीआईपी मूवमेंट के चलते पुलिस अलर्ट

 | 
उज्जैन में वीवीआईपी मूवमेंट के चलते पुलिस अलर्ट


उज्जैन, 16 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में अगले दो दिन धार्मिक आस्था के साथ वीआईपी मूवमेंट और लोगों की भारी संख्या का दबाव रहेगा। गुरूवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत दीपोत्सव में बड़ी संख्या में शहरवासी और जनभागीदारी के लिए स्वयंसेवकों के पहुंचने की संभावना है।

वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघसंचालक डॉ. मोहन भागवत, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया हैं। शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गो एवं आंतरिक मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर जांच अभियान जारी है।

एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि वीआईपी शहर में आएंगे। उनकी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। सुरक्षा इंतजामों की रिहर्सल भी की गई है, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने। दीपोत्सव को देखते हुए शहर में सुरक्षा का ऐसा घेरा तैयार किया जा रहा है, जिसमें आयोजन स्थल से लेकर घाटों और प्रमुख प्रवेश मार्गों तक पुलिस की नजर रहेगी। दीपोत्सव के दौरान शहर में 3 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी। इनमें करीब 2 हजार जवान पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त रूप से बुलाए गए हैं। आयोजन स्थल पर भीड़ का दबाव नियंत्रित रखने के लिए पूरे क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टरों में बांटा जाएगा। प्रत्येक सेक्टर में लोगों की आवाजाही के लिए अलग रास्ते तय किए जाएंगे। पुलिस पास की व्यवस्था के जरिए भीड़ के प्रवेश और निकासी को नियंत्रित करेगी। इसका उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं की भीड़ किसी एक स्थान पर अधिक समय तक एकत्रित न हो।

यातायात पुलिस ने बनाया विशेष प्लानदीपोत्सव के दौरान यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। यहीं कारण है कि यातायात पुलिस ने विशेष प्लान बनाया है ओर उसके अनुसार ही पार्किंग और यातायात व्यवस्था तय की जाएगी। इसके लिए करीब 450 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। शहर में आने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों के दबाव को कम करने के लिए आसपास की पार्किंग जगहों को चिन्हित किया जा रहा है। बाहर से आने वाले वाहनों को आयोजन क्षेत्र के भीतर ले जाने के बजाय नजदीकी पार्किंग तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। इससे पुराने शहर और आयोजन वाले क्षेत्रों में वाहनों की संख्या नियंत्रित रहेगी। पुलिस का प्रयास रहेगा कि श्रद्धालुओं को पैदल आवागमन में परेशानी न हो और प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति नहीं बने।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल