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सिंचाई योजना में मुरम-मिट्टी की कथित चोरी का आरोप, जांच के बाद भी ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं

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सिंचाई योजना में मुरम-मिट्टी की कथित चोरी का आरोप, जांच के बाद भी ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं


शाजापुर, 11 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में करोड़ों रुपये की सिंचाई योजना के निर्माण कार्य में मुरम और मिट्टी के कथित अनधिकृत उत्खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि पाइपलाइन को जमीन के भीतर सुरक्षित रखने के लिए उपयोग की जाने वाली मुरम और मिट्टी को ठेकेदार द्वारा किसान के खेत से निकालकर अन्यत्र बेच दिया गया। शिकायत और जांच के बाद जिला खनिज विभाग ने मौके का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया, लेकिन संबंधित ठेकेदार के खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से शिकायतकर्ता किसान नाराज है।

जानकारी के अनुसार गुलाना तहसील के ग्राम कैथलाय निवासी किसान हुकुमचंद जैन ने नर्मदा परियोजना में कार्यरत ठेकेदार के खिलाफ शिकायत की थी। किसान का आरोप है कि उसके खेत के सर्वे नंबर 1964/1/1 और 1964/1/2 से करीब 61 हाइवा मुरम और मिट्टी निकाली गई। इस संबंध में उन्होंने प्रमाण के साथ शिकायत दर्ज कराने के अलावा 181 पर भी शिकायत की थी।

जांच में मुरम-मिट्टी निकाले जाने की पुष्टि

शिकायत मिलने के बाद जिला खनिज अधिकारी नवनीत भालेकर मौके पर पहुंचे और स्थल का निरीक्षण किया। किसान के अनुसार जांच के दौरान खेत से मुरम और मिट्टी निकाले जाने तथा उसे दूसरी जगह डलवाए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद खनिज अधिकारी और हल्का पटवारी की मौजूदगी में किसानों के समक्ष पंचनामा तैयार किया गया।

शिकायत के बाद 21 हाइवा मटेरियल किसान को वापस कर दिया गया। हालांकि किसान का कहना है कि करीब 40 हाइवा मुरम-मिट्टी की मात्रा अभी भी वापस नहीं की गई है। खनिज अधिकारी ने ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और अर्थदंड लगाए जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कार्रवाई की जानकारी नहीं मिलने का आरोप किसान ने लगाया है।

पाइपलाइन के बाहर निकलने की पहले भी उठी थी आशंका

इस मामले में पूर्व में भी पाइपलाइन के जमीन से बाहर निकलने का मुद्दा सामने आ चुका है। आरोप लगाया गया था कि सुंदरसी क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने के दौरान निकाली गई बड़ी मात्रा में मुरम को सुंदरसी से पीपलरवां जोड़ तक बन रहे सड़क निर्माण में उपयोग के लिए बेच दिया गया।

तब यह आशंका जताई गई थी कि पाइपलाइन के ऊपर पर्याप्त मात्रा में मिट्टी और मुरम नहीं रहने से जमीन का दबाव कम हो सकता है और पाइपलाइन बाहर निकल सकती है। अब क्षेत्र में करीब 450 फीट तक पाइपलाइन के जमीन से बाहर आने की बात सामने आ रही है।

किसान और स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी का खामियाजा करोड़ों रुपये की परियोजना को भुगतना पड़ रहा है। वहीं शिकायतकर्ता कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहा है और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / मंगल नाहर