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अनूपपुर: पटवारी हडताल 13वां दिन: प्रशासन ने खाली कराया धरना स्थाल, उखाडा टेंट

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अनूपपुर: पटवारी हडताल 13वां दिन: प्रशासन ने खाली कराया धरना स्थाल, उखाडा टेंट


अनूपपुर: पटवारी हडताल 13वां दिन: प्रशासन ने खाली कराया धरना स्थाल, उखाडा टेंट


अनूपपुर, 24 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय के तहसील कार्यालय अनूपपुर परिसर में पिछले 13 दिनों से मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर वेतन और लंबित मांगों को लेकर जारी कलमबंद हड़ताल को मंगलवार की शाम जिला प्रशासन ने अवैधानिक बताते हुए धरना स्थल से टेंट को उखड़वाते स्थल को खाली करवा दिया है।

इस दौरान पटवारी संघ ने जारी हड़ताल पर प्रशासन की अब नहीं की गई कार्रवाई को मौन स्वीकृति बताते हुए टेंट ना उखाड़ने और अपनी हड़ताल को लगातार जारी रखना के लिए इस स्थल को उपलब्ध कराने की गुहार लगाते रहे। ज्ञात हो कि जिले की चारो तहसील के पटवारी 12 फरवरी से 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जारी पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल अब प्रशासन और पटवारी संघ के बीच टकराव की स्थिति में पहुंच गया है।

पटवारी संघ का कहना था कि इसके लिए उन्होंने कलेक्टर और अनुविभागीय अधिकारी को सूचना पत्र दिया था। लेकिन प्रशासन का तर्क था कि स्थल के लिए प्रशासनिक स्तर पर अनुमति नहीं प्रदान की गई है। इसके बाद पटवारी संघ और जिला प्रशासन अब आमने-सामने आ खड़े हुए हैं।

मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर के जिला अध्यक्ष चेतन सिंह मरावी ने बताया कि शाम अनूपपुर एसडीएम कमलेश पुरी, अनूपपुर तहसीलदार ईश्वर सिंह प्रधान सहित पुलिस अमला धरना स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने धरना स्थल पर दिए जा रहे हैं कलमबंद हड़ताल को वैधानिक बताया और जगह खाली करने के निर्देश दिए। इस पर पटवारी संघ ने हड़ताल से पूर्व प्रशासन को पत्र लिखे जाने का हवाला भी दिया। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने बिना किसी अनुमति के धरना बात कर कर्मचारियों से तंबू उखड़वा कर पटवारी संघ को धरना स्थल से चले जाने को कहा। प्रशासन के इस कार्रवाई से नाराज पटवारी संघ ने बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के समक्ष हैं घेराव या धरना प्रदर्शन करने की बात कही है।

उल्लेखनीय है कि अनूपपुर पटवारी संघ द्वारा किए जा रहे कलमबंद हड़ताल में पटवारी संघ ने उनकी मांगे प्रशासन द्वारा नहीं माने जाने पर आगामी 26 फरवरी से बोर्ड परीक्षा के लिए नियुक्त कलेक्टर प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने से बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी। वही अनूपपुर पटवारी संघ के समर्थन में तहसील अध्यक्षों ने सशर्त सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी है। जबकि अनूपपुर के पक्ष में प्रदेश स्तर पर अन्य जिलों में पटवारी संघ होने एक दिनी काम का बहिष्कार कर मंगलवार को मुख्यालय में ज्ञापन सौंपा था और 27 फरवरी से हड़ताल पर जाने की बात कही थी। फिलहाल प्रशासन की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है।

उन्होंने कहा कि भय के माहौल में काम करना संभव नहीं है। आरोप लगाया है कि प्रशासन जनता के रुके हुए कामों जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन को सुचारु करने के बजाय प्रशासन हड़ताल तोड़ने के लिए दमनकारी नीतियां अपना रहा है। संघ के अनुसार, नए पटवारियों को सेवा समाप्ति की धमकी दी जा रही है, जबकि संघ पदाधिकारियों को व्यक्तिगत नोटिस भेजकर डराया जा रहा है। पटवारियों ने कहा कि जिला प्रशासन जनहित को अनदेखा कर द्वेषपूर्ण कार्रवाई कर रहा है।

पटवारियों ने पुष्पराजगढ़ तहसीलदार संजय जाट के निलंबन कहां कि संजय जाट ने फार्मर रजिस्ट्री में जिले के औसत (26.59 प्रतिशत से अधिक 35 प्रतिशत प्रगति हासिल की थी, फिर भी उन्हें कम प्रगति का हवाला देकर निलंबित कर दिया गया। पटवारियों का तर्क है कि जब अच्छा काम करने वाले अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो मैदानी कर्मचारी किस भरोसे काम करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला