पांढुर्णा: सूखी फसल लेकर किसानों ने रोका मुख्यमंत्री का काफिला, कर्ज माफी और सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग
पांढुर्णा, 04 अक्टूबर (हि.स.) । मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले में कम बारिश से खरीफ फसलों पर संकट की शिकायत लेकर किसानों ने रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला रोक दिया। हाथों में सूखी फसल लेकर किसानों ने पांढुर्णा को सूखाग्रस्त घोषित करने, नुकसान का सर्वे कराने और कर्ज माफी की मांग रखी।
नया जिला बनने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को पहली बार पांढुर्णा पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बुजुर्गों और लाड़ली लक्ष्मी योजना के हितग्राहियों का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के तहत लगाए गए शिविर का निरीक्षण भी किया। इसके बाद वे वापस लौट रहे थे। दोपहर करीब 2 बजे गेट के पास किसानों ने उनका काफिला रोक लिया। किसानों को सामने देखकर मुख्यमंत्री गाड़ी से उतरे और उनसे बातचीत की। किसानों ने बताया कि पांढुर्णा जिले में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है। बारिश की कमी से खेतों में नमी खत्म हो रही है और कई जगह खड़ी खरीफ फसलें मुरझाने लगी हैं।
किसानों ने मुख्यमंत्री को कपास, तुअर, ज्वार और मूंगफली समेत अन्य फसलों की स्थिति बताई। उनका कहना था कि यदि बारिश नहीं हुई तो उत्पादन प्रभावित होने का खतरा है और खेती में लगाई गई लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है। किसान प्रकाश गायधने ने मुख्यमंत्री के सामने खेतों की स्थिति रखी। उन्होंने कहा कि बारिश नहीं होने से जमीन में नमी लगातार कम हो रही है। कई खेतों में फसल मुरझाने लगी है। किसानों के सामने अब उत्पादन प्रभावित होने की चिंता है। किसानों ने मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल फसल सर्वे कराया जाए और वास्तविक नुकसान के आधार पर राहत दी जाए। उनका कहना था कि फसल खराब होने की स्थिति में किसानों की आय प्रभावित होगी और पुराने कर्ज की अदायगी का दबाव भी बढ़ेगा।
कांग्रेस के पूर्व विधायक जतन उईके ने भी मुख्यमंत्री के सामने पांढुर्णा को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि फसल खराब होने पर किसानों पर खेती की लागत और पुराने कर्ज का दोहरा दबाव पड़ेगा। उन्होंने फसल नुकसान के आधार पर मुआवजा देने के साथ किसानों का कर्ज माफ करने की मांग की। पांढुर्णा में कम बारिश और फसल नुकसान को लेकर पहले भी सर्वे, मुआवजा और राहत की मांग उठ चुकी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को बताया कि कलेक्टर को फसलों का सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे के बाद फसलों की वास्तविक स्थिति और नुकसान का आकलन सामने आएगा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने पांढुर्णा के विकास को लेकर कहा कि वर्ष 2023 में जिला बनने के बाद से यहां लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। नए शासकीय भवनों के निर्माण के साथ विभिन्न विभागों में पदों की स्वीकृति की प्रक्रिया भी चल रही है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने का काम किया जा रहा है, ताकि जिले के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री ने जिले में विकास और प्रशासनिक आधारभूत ढांचे को आगे बढ़ाने की बात भी कही।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

