home page

डेढ़ माह में 10 किमी भी नहीं पहुंचा ट्रक, साढ़े छह लाख की धान लापता; किसान भुगतान को भटक रहे

 | 
डेढ़ माह में 10 किमी भी नहीं पहुंचा ट्रक, साढ़े छह लाख की धान लापता; किसान भुगतान को भटक रहे


उमरिया, 23 फरवरी (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के उमरिया जिले में धान उपार्जन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। नौगमा खरीदी केंद्र से भेजी गई 550 बोरी (220 क्विंटल) धान डेढ़ माह बाद भी गंतव्य तक नहीं पहुंची है। करीब साढ़े छह लाख रुपये मूल्य की यह धान अब तक लापता है, जिससे संबंधित तीन किसानों को भुगतान नहीं हो सका है।

44 केंद्रों पर हुई खरीदी, परिवहन की जिम्मेदारी निजी ठेकेदार को

जानकारी के अनुसार जिले में 44 खरीदी केंद्रों के माध्यम से 25,522 किसानों से 16,18,244 क्विंटल धान की खरीदी की गई। इनमें 6 केंद्र गोदाम एवं कैप स्तर पर तथा 38 केंद्र समिति स्तर (खुले में) संचालित किए गए। खरीदी गई धान के परिवहन के लिए छतरपुर के परिवहनकर्ता पारस जैन को नियुक्त किया गया था।

प्रदेश सरकार ने इस वर्ष धान परिवहन में लगे सभी वाहनों में जीपीएस अनिवार्य किया था। साथ ही ट्रक लोडिंग से पहले परिवहनकर्ता के प्रतिनिधि के मोबाइल पर टीपी (ट्रांजिट पास) और ओटीपी की व्यवस्था लागू की गई थी, ताकि बिना सत्यापन धान लोड न हो सके।

ओटीपी के बाद लोड हुआ ट्रक, लेकिन गोदाम तक नहीं पहुंचा

नौगमा केंद्र के प्रभारी अभय चतुर्वेदी के अनुसार 7 जनवरी 2025 को ट्रक क्रमांक एमपी 04 जेडयू 7266 में टीसी क्रमांक 59341080045 के माध्यम से 550 बोरी धान लोड की गई थी। यह लोडिंग परिवहनकर्ता के प्रतिनिधि भोलू अग्रवाल द्वारा ओटीपी सत्यापन के बाद कराई गई। इस ट्रक में किसानों लालमणि सिंह, विनीता पटेल और राजेंद्र पटेल की कुल 220 क्विंटल धान शामिल थी।

प्रभारी का कहना है कि धान गोदाम भेजे जाने के बाद भी संबंधित किसानों का भुगतान नहीं हुआ। पड़ताल करने पर पता चला कि उक्त ट्रक का माल जिले के किसी भी गोदाम या ओपन कैप स्थल पर दर्ज नहीं है।

इस संबंध में 16 फरवरी को जिला नागरिक आपूर्ति निगम के प्रभारी प्रबंधक रोहित सिंह बघेल को लिखित सूचना दी गई है।

गोदाम में नहीं पहुंची धान, परिवहनकर्ता ने अनभिज्ञता जताई

वेयरहाउस की जिला नोडल अधिकारी लक्ष्मी मरावी ने बताया कि उक्त टीसी नंबर का माल न तो किसी गोदाम में आया है और न ही इसकी कोई जानकारी उपलब्ध है।

वहीं परिवहनकर्ता पारस जैन ने मामले में अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उन्हें

इस संबंध में जानकारी नहीं है और वे पता लगाने का प्रयास करेंगे।

जिला नागरिक आपूर्ति निगम के प्रभारी प्रबंधक एवं प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी रोहित सिंह बघेल ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया जा रहा है। जांच के बाद स्पष्ट होगा कि धान कहां गई।

सैकड़ों किसान भुगतान को प्रतीक्षारत

गौरतलब है कि जिले में लगभग 400 किसान अब भी धान भुगतान के लिए भटक रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारी एआरसीएस, जिला आपूर्ति अधिकारी, नागरिक आपूर्ति निगम प्रबंधन तथा जिला प्रशासन की मानी जा रही है। किसानों का आरोप है कि निगरानी और तकनीकी व्यवस्थाओं के बावजूद धान का ट्रक लापता होना गंभीर लापरवाही या अनियमितता की ओर इशारा करता है।

मामले की जांच और जवाबदेही तय होने का इंतजार किया जा रहा है, जबकि प्रभावित किसान शीघ्र भुगतान की मांग कर रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्‍द्र त्रिपाठी