ओवरलोड हाइवा और खनन प्रदूषण पर फूटा आक्रोश, जिला पंचायत सदस्य ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
मैहर, 09 मार्च (हि.स.)। मध्यप्रदेश के मैहर जिले के सरलानगर रोड पर अनियंत्रित गति से दौड़ रहे ओवरलोड हाइवा और सीमेंट फैक्ट्रियों से फैल रहे प्रदूषण को लेकर जिला पंचायत सदस्य देवदत्त सोनी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और औद्योगिक इकाइयों को चेतावनी दी है कि यदि जनहित में जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी।
उन्होंने क्षेत्र की कई गंभीर समस्याओं को उठाते हुए कहा कि सरलानगर और भटूरा रोड पर सैकड़ों भारी वाहनों के लगातार आवागमन से आम नागरिकों का चलना-फिरना मुश्किल हो गया है। ओवरलोडिंग के कारण सड़कों की हालत जर्जर हो रही है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
पर्यावरणीय संकट पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि अंधाधुंध उत्खनन के कारण क्षेत्र का भू-जल स्तर तेजी से गिर रहा है। बेलदार, हृदयपुर, गिरगिटा, भद्दनपुरा और अमगार जैसे गांवों में कई हैंडपंप सूख चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहाड़ी क्षेत्रों में बिचौलियों द्वारा आदिवासी भूमि को औने-पौने दामों में खरीदने और फर्जीवाड़े के जरिए उसके हस्तांतरण की कोशिशें हो रही हैं। इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।
फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के शोषण का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि ठेका पद्धति पर कार्यरत श्रमिकों को समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा और उनके श्रम अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।
जिला पंचायत सदस्य ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित खनन लीज निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाए और फैक्ट्रियों द्वारा गांवों को खाली कराने की नीति पर तत्काल रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि मौजूदा हालात ऐसे हैं मानो सार्वजनिक सड़कें केवल खनिज ढोने के लिए आरक्षित कर दी गई हों, जबकि स्थानीय लोग धूल और बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो हजारों ग्रामीणों के साथ व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। अब देखना होगा कि खनिज विभाग और जिला प्रशासन इन आरोपों पर क्या वैधानिक कार्रवाई करते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

