क्षीर धारा ग्राम योजना: ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को कराया जा रहा वैज्ञानिक पद्धतियां से अवगत
- पशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि कर उनकी आय बढ़ाना है लक्ष्य
भोपाल, 26 अप्रैल (हि.स.) । पशुपालन एवं डेयरी विभाग, भोपाल द्वारा क्षीर धारा ग्राम योजना चलाई जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों से अवगत कराना,पशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और उसको बनाये रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करना तथा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि कर उनकी आय को सुदृढ़ बनाना है।
उप संचालक डॉ.अभिजीत शुक्ला ने बताया कि योजना के प्रथम चरण में भोपाल के 76 ग्रामों का चयन किया गया है,जिसमें फन्दा ब्लॉक के 46 एवं बैरसिया ब्लॉक के 30 ग्रामों का चयन किया गया है। इन ग्रामों में बेसलाइन सर्वे का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है एवं ग्रामों में बांझ निवारण शिविर, पशु पालक जागरूकता शिविर, पशुपालक संगोष्टियां, पशुपालन को लाभ का धंधा बनाने संबंधी जानकारी इत्यादि कार्यक्रम पशु पालन विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं वन विभाग के सहयोग से संचालित कर रहा है।
इसी क्रम में रविवार को विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर क्षीरधारा ग्राम पीपलखेड़ी, खादमपुर और बिरहा श्यामखेड़ी विकासखण्ड बैरसिया में और ग्राम भौरी,गुनगा और मुड़ियाखेड़ी विकासखण्ड फन्दा में पशु चिकित्सा एवं बांझपन शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में पशुओं का उपचार, औषधि वितरण, कृत्रिम गर्भाधान एवं निकृष्ट साँड़ों का बधियाकरण किया गया। क्षीर धारा ग्राम योजना कार्यक्रम का प्रथम चरण 30 जून को समाप्त होगा। साथ ही जिले में 01 अप्रैल से 15 मई 2026 तक मुंहखुरपका रोग का टीकाकरण अभियान चल रहा है। जिसके अंतर्गत सभी गौ भैंसवंशी पशुओं को मुंहखुरपका रोग का टीका लगाया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

