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अफीम नीति 2026-27 घोषित, 10 हजार से अधिक नए किसान खेती से जुड़ेंगे

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अफीम नीति 2026-27 घोषित, 10 हजार से अधिक नए किसान खेती से जुड़ेंगे


मंदसौर, 24 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्र सरकार ने अफीम नीति वर्ष 2026-27 घोषित कर दी है। नई नीति में अफीम उत्पादक किसानों को कई राहतें देने के साथ 10 हजार से अधिक नए किसानों को अफीम की खेती से जोड़ने का प्रावधान किया गया है। मध्य प्रदेश के मंदसौर क्षेत्र से सांसद सुधीर गुप्ता ने नीति का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया है।

सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि नई अफीम नीति में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। चीरा और सीपीएस पद्धति से खेती करने वाले किसानों को राहत देने के साथ विभिन्न श्रेणियों के पात्र किसानों को लाइसेंस प्राप्त करने का अवसर दिया गया है।

चीरा पद्धति के किसानों को 10 आरी का लाइसेंस

सांसद ने बताया कि चीरा पद्धति के तहत पिछले फसल वर्ष में 4.4 से अधिक मॉर्फिन औसत जमा कराने वाले सभी पात्र किसान निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन 10 आरी का लाइसेंस प्राप्त कर अफीम की बुवाई कर सकेंगे। इससे परंपरागत तरीके से अफीम की खेती करने वाले किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

सीपीएस पद्धति में भी राहत

सीपीएस पद्धति के अंतर्गत पिछले फसल वर्ष में 3.0 से अधिक, लेकिन 4.4 से कम मॉर्फिन औसत जमा कराने वाले पात्र किसानों को निर्धारित शर्तों के तहत पांच आरी का लाइसेंस प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

इसके अलावा, पिछले वर्ष प्रति हेक्टेयर 800 किलोग्राम से अधिक पोस्त भूसा विभाग में जमा कराने वाले सीपीएस पद्धति के किसान भी निर्धारित पात्रता पूरी करने पर इस वर्ष पांच आरी क्षेत्र में खेती के लिए लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे।

पुराने किसानों के लिए पात्रता मानकों में छूट

नई नीति में वर्ष 1998-99 से 2002-03 तक की संबंधित श्रेणी के किसानों को विशेष राहत दी गई है। इनके लिए मॉर्फिन औसत के निर्धारित मानक में दो किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की कमी करते हुए पात्रता का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 10 हजार से अधिक नए किसानों के अफीम खेती से जुड़ने का रास्ता खुलेगा। पात्र किसानों को सीपीएस पद्धति में पांच आरी का लाइसेंस मिल सकेगा।

होल्ड लाइसेंस वाले किसानों को भी मौका

सीपीएस पद्धति के तहत पिछले वर्ष जिन किसानों के लाइसेंस होल्ड किए गए थे, उन्हें भी नई नीति में राहत दी गई है। निर्धारित पात्रता और शर्तें पूरी करने पर ऐसे किसान इस वर्ष पांच आरी का लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे।

इसके साथ ही पिछले वर्ष लाइसेंस पाने की पात्रता रखने के बावजूद किसी कारणवश लाइसेंस नहीं प्राप्त कर सके किसानों को भी नीति में शामिल करने का प्रावधान किया गया है। पात्र किसान निर्धारित नियमों के अनुसार पांच आरी का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

एनडीपीएस मामले में दोषमुक्त किसानों को भी राहत

नई नीति में एनडीपीएस प्रकरणों में दोषमुक्त हो चुके किसानों को भी राहत देने का प्रावधान किया गया है। ऐसे किसानों को निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार अफीम नीति में शामिल कर लाइसेंस प्रक्रिया में अवसर दिया जाएगा।

ऑनलाइन जारी होगी पात्र किसानों की सूची

पात्र किसानों की सूची केंद्रीय स्वापक ब्यूरो (सीबीएन) की आधिकारिक वेबसाइट और ऑनलाइन पोर्टल पर जारी की जाएगी। किसानों को निर्धारित समय-सीमा में ऑनलाइन आवेदन कर लाइसेंस प्राप्त करना होगा।

जिन मौजूदा लाइसेंसधारियों के दस्तावेज विभाग के पास पहले से उपलब्ध हैं और जिनकी जानकारी में कोई बदलाव नहीं हुआ है, उन्हें दोबारा वही दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे लाइसेंस प्रक्रिया को सरल, सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया