पर्यावरण संरक्षण एवं पौधों का संवर्धन हमारी सामूहिक जिम्मेदारी; निर्मला भूरिया
झाबुआ, 05 जून (हि.स.)। प्रकृति के साथ किए गए अनावश्यक हस्तक्षेप का परिणाम आज जलवायु परिवर्तन, घटते वन क्षेत्र और पर्यावरणीय असंतुलन के रूप में हमारे सामने है, और जहां कभी घने जंगल हुआ करते थे, वहां आज बंजर भूमि दिखाई देने लगी है। आज इस बात की महती आवश्यकता है, और हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी भी है कि हम पर्यावरण संरक्षण एवं पौधों के संवर्धन के लिए कार्य करें।
उक्त विचार विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत मध्य प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य झाबुआ जिले की ग्राम पंचायत देवझिरीपण्डा स्थित वन विभाग के कक्ष क्रमांक 408 में शुक्रवार को आयोजित वृहद पौधारोपण कार्यक्रम में व्यक्त किए। कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधि सहित ग्रामीण जन मौजूद रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वज हमें समृद्ध प्राकृतिक विरासत सौंपकर गए हैं और इसे संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। आज विश्व ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जो कि प्रकृति के साथ किए गए अनावश्यक हस्तक्षेप का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रारंभ किए गए ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के माध्यम से केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों को वृक्ष के रूप में विकसित करना भी हमारा सामूहिक दायित्व है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बेंगलुरु में वर्षों पुराने वृक्ष आज भी सुरक्षित हैं, जो वहां के नागरिकों की पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाता है। उन्होंने सभी से 21 जून तक निरंतर पौधारोपण करने, पौधों का संरक्षण करने तथा उन्हें विकसित करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने पिछले वर्षों में लगाए गए महुआ पौधों की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक आयोजन नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का अवसर है। वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, वर्षा में अनियमितता, प्लास्टिक प्रदूषण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौतियां तथा जल संकट जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा प्रारंभ किया गया ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है।
कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा अभियान के सफल संचालन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं तथा सभी विभागों को लक्ष्य निर्धारित कर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उन्होंने बताया कि देवझिरीपण्डा में ही लगभग 5 हजार पौधे लगाए जाएंगे तथा 21 जून तक जिले में एक लाख पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पौधारोपण एवं उसके संरक्षण की मॉनिटरिंग ‘मेरी लाइफ’ एप के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने सभी से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हुए प्रकृति संरक्षण की परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में अपने संबोधन में जिला पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को माता के रूप में पूजने की परंपरा रही है। मानव विकास प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित है, लेकिन इन संसाधनों का अनियंत्रित दोहन अनेक समस्याओं को जन्म दे रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए दो स्तरों पर कार्य करने की आवश्यकता है—पहला, उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और दूसरा, नष्ट हो चुके संसाधनों की पुनर्स्थापना। उन्होंने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में जिला वनमण्डलाधिकारी भरत सोलंकी ने जानकारी दी कि ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के अंतर्गत 5 जून से 21 जून तक जिलेभर में व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कैम्पा योजना के अंतर्गत शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा 15 अगस्त तक एक लाख पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त जैव विविधता संरक्षण से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से वर्षभर पौधारोपण गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि जिले का वन क्षेत्र वर्तमान में लगभग 21 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार यह 33 प्रतिशत होना चाहिए। जिले की भौगोलिक एवं प्राकृतिक परिस्थितियां वृक्षारोपण के लिए अनुकूल हैं, इसलिए अधिक से अधिक पौधारोपण कर वन क्षेत्र में वृद्धि की जा सकती है।
कार्यक्रम के उपरांत महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों, जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों एवं नागरिकों ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा

