खेत में मारपीट और धमकी देने वाले छह आरोपितों को एक-एक साल का सश्रम कारावास
राजगढ़, 25 अगस्त (हि.स.)। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में खेत पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलिमा देवदत्त की अदालत ने छह आरोपितों को दोषी ठहराया है। न्यायालय ने सभी दोषियों को एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाने के साथ कुल 21 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला वर्ष 2023 का है। ग्राम पानसरा निवासी टन्नु पुत्र नारायण सिंह तंवर ने कालीपीठ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार वह खेत पर काम कर रहा था, तभी रमेश तंवर, प्रभुलाल और जगन्नाथ वहां पहुंचे और उसके पिता तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
आरोप था कि तीनों ने डंडों से हमला कर टन्नु के पिता, दादी और मां को चोट पहुंचाई। इसी दौरान मांगीलाल, संजू और रामचंद्र भी मौके पर पहुंचे और लकड़ी से टन्नु, उसके भाई तथा काका के साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपितों ने पुलिस में शिकायत करने पर जान से खत्म करने की धमकी भी दी थी।
शिकायत के आधार पर कालीपीठ थाना पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 294, 323, 324 और 506 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच के बाद न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर रमेश, प्रभुलाल, जगन्नाथ, मांगीलाल, संजू और रामचंद्र को दोषी पाया गया। अदालत ने सभी छह आरोपितों को एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास तथा कुल 21 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
प्रकरण में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सोनिया शर्मा एवं प्रवीण प्रताप सिंह तोमर ने संयुक्त रूप से पैरवी की।
हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

