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120 किमी की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन, ब्यावरा-राजगढ़-सोनकच्छ रेलखंड का स्पीड ट्रायल सफल

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120 किमी की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन, ब्यावरा-राजगढ़-सोनकच्छ रेलखंड का स्पीड ट्रायल सफल


राजगढ़, 21 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में भोपाल-रामगंजमंडी नई रेल लाइन परियोजना के तहत नवनिर्मित ब्यावरा-राजगढ़-सोनकच्छ 24.50 किलोमीटर रेलखंड पर शुक्रवार को रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) गुरु प्रकाश ने निरीक्षण एवं संरक्षा परीक्षण किया। दो दिवसीय निरीक्षण के बाद शुक्रवार को इस रेलखंड पर अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाकर गति परीक्षण किया गया, जो सफल रहा। इसे नए रेल मार्ग पर यात्री और मालगाड़ियों के संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान सीआरएस ने रेल पटरियों, पुल-पुलियाओं, समपार फाटकों, संकेत एवं दूरसंचार व्यवस्था सहित अन्य रेल सुविधाओं का बारीकी से परीक्षण किया। मोटर ट्रॉली के माध्यम से रेलखंड के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर तकनीकी गुणवत्ता और निर्धारित संरक्षा मानकों की भी जांच की गई।

पहले दिन ब्यावरा-राजगढ़ और सोनकच्छ स्टेशन यार्ड का निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्टेशन परिसर की व्यवस्थाओं और यात्री सुविधाओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने रेलखंड पर निर्मित विभिन्न संरचनाओं और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की भी जानकारी ली।

24.50 किमी रेलखंड में चार बड़े और 53 छोटे पुल

नवनिर्मित 24.50 किलोमीटर रेलखंड में पीपलहेड़ा हाल्ट स्टेशन के अलावा चार बड़े पुल और 53 छोटे पुल बनाए गए हैं। दूसरे दिन रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से ट्रेन दौड़ाकर ट्रैक की क्षमता और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। सफल गति परीक्षण के बाद इस रेलखंड पर रेल संचालन शुरू करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।

80 किमी रेलखंड का हो चुका है कमीशनिंग

भोपाल-रामगंजमंडी नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 276 किलोमीटर है और इसके तहत 27 स्टेशन प्रस्तावित हैं। भोपाल मंडल के अंतर्गत आने वाले 111 किलोमीटर रेलखंड में निशातपुरा डी केबिन-कुरावर तथा ब्यावरा-राजगढ़-सोनकच्छ सहित 80 किलोमीटर रेलखंड का कमीशनिंग कार्य पूरा हो चुका है।

परियोजना के शेष कुरावर-नरसिंहगढ़ और नरसिंहगढ़-सोनकच्छ रेलखंड को वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

नया मार्ग 42 किमी छोटा, तीन घंटे तक समय बचने की उम्मीद

परियोजना पूरी होने के बाद भोपाल, सीहोर, राजगढ़, झालावाड़ और कोटा क्षेत्र के बीच रेल संपर्क और बेहतर होने की उम्मीद है। नया रेल मार्ग वर्तमान ब्यावरा-झालावाड़ मार्ग की तुलना में करीब 42 किलोमीटर छोटा होगा। इससे यात्रियों को दूरी कम होने के साथ यात्रा समय में भी बचत होगी। रेलवे के अनुसार परियोजना पूरी होने पर यात्रा में करीब तीन घंटे तक की बचत होने की संभावना है।

भोपाल मंडल के 111 किलोमीटर रेलखंड और 12 स्टेशनों के निर्माण के लिए 1,255 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण एम.एस. हाशमी, मुख्य परियोजना प्रबंधक पंकज स्वाइन सहित रेलवे के निर्माण और संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक