अनूपपुर: गर्भवती की मृत्यु पर सीएचओ को नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब
अनूपपुर, 04 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के थानगांव उप स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के दौरान गर्भवती महिला रोशनी केवट की मृत्यु के मामले में सीएमएचओ डॉ. अलका तिवारी ने बुधवार को सीएचओ शोभा जायसवाल को नोटिस जारी कर 3 दिन में लिखित जवाब और जांच से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं।
सीएमएचओ ने बताया कि कलेक्टर ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि महिला का इलाज संबंधित सीएचओ से नहीं चल रहा था। सीएचओ के मुताबिक, महिला की जांच मनेंद्रगढ़ में हो रही थी। उनसे अपना पक्ष लिखित में देने को कहा गया है। जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
थानगांव निवासी खेमराज केवट ने मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत की थी। उनका आरोप है कि पेट में दर्द होने पर पत्नी रोशनी को थानगांव उप स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे। वहां तैनात सीएचओ शोभा जायसवाल ने इलाज के लिए 800 रुपए मांगे। रुपए देने के बाद सीएचओ ने कुछ सरकारी और कथित तौर पर दूसरी गोलियां दीं। दवाइयां लेने के बाद रोशनी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। परिजन दोबारा सीएचओ के पास पहुंचे तो उन्होंने कथित तौर पर कहा, “कुछ नहीं होगा, घर जाओ, ठीक हो जाएगी और 8-10 दिन रेस्ट करो।” तबीयत में सुधार नहीं होने पर परिजन रोशनी को जिला अस्पताल अनूपपुर ले गए। वहां एक दिन इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया।
शिकायत के मुताबिक, डॉक्टरों ने गलत दवाइयों के सेवन से तबीयत बिगड़ने की बात कही। मेडिकल कॉलेज में रोशनी को वेंटिलेटर पर रखा गया। इसी दौरान बच्चे का जन्म हुआ। बाद में उन्हें जबलपुर रेफर किया गया, जहां 21 मार्च 2026 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शिकायत में परिजनों ने बताया कि दुखद परिस्थितियों और सदमे के कारण वे तत्काल शिकायत दर्ज नहीं करा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

