उज्जैन रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म क्रं.2 से 7 तक एक भी शौचालय नहीं.....!
उज्जैन, 09 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल महालोक बनने के बाद से रेलवे स्टेशन प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही हो रही है। यह गंभीर विषय है कि रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रं.2 से 7 तक एक भी शौचालय नहीं है। प्लेटफार्म क्रं.8 के नागदा छोर पर भी शौचालय नहीं है।
रतलाम मंडल रेलवे उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य राजेश शर्मा ने गुरुवार को बताया कि यदि कोई यात्री इन प्लेटफॉर्मों पर ट्रेन का इंतजार कर रहा हो और उसे अचानक शौचालय जाने की आवश्यकता पड़ जाए, तो उसके सामने गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है। उसे प्लेटफार्म क्रं. 1 पर आना होता है। इस बीच यदि उसकी ट्रेन चूक गई तो मानसिक तनाव का सामाना करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशान गर्भवती महिलाओं, गोद में छोटे बच्चों को लेकर यात्रा करने वाली माताओं, गंभीर रूप से बीमार यात्री हो रहे है।
शर्मा ने आरोप लगाया कि इस समस्या की ओर रेलवे प्रशासन का कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से ध्यान आकर्षित कराया जा चुका है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। केवल आश्वासन दिए गए। यात्रियों की बुनियादी आवश्यकता की लगातार अनदेखी की जा रही है। शहर में विभिन्न प्रदेशों और विदेश से श्रद्धालुओं का ट्रेन से सतत आना-जाना होता है। शौचालयों की सुविधा उपलब्ध न होने से वे अच्छे अनुभव लेकर नहीं जाते हैं। रेलवे की छबि भी प्रभावित होती है।
शर्मा ने रेलवे प्रशासन से मांग की कि प्लेटफॉर्म क्रं. 2 से 7 तथा 8 के नागदा छोर पर आधुनिक एवं स्वच्छ शौचालयों का निर्माण सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। जब तक स्थायी शौचालयों का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक यात्रियों की सुविधा के लिए अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था की जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल

