home page

मध्य प्रदेश में रात का पारा 1.5 डिग्री गिरा, भोपाल-इंदौर में बढ़ी ठंड, अगले चार दिन आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं

 | 
मध्य प्रदेश में रात का पारा 1.5 डिग्री गिरा, भोपाल-इंदौर में बढ़ी ठंड, अगले चार दिन आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं


- 15 नवंबर के बाद ठंड बढ़ने के आसार

भोपाल, 06 नवम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में ठंड का असर बढ़ने लगा है। प्रदेश में न्यूनतम तापमान में करीब 1.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इससे रातें सर्द होने लगी हैं। भोपाल और इंदौर में भी पारा नीचे आया है। आज शुक्रवार से तापमान में और गिरावट होने की संभावना है। वहीं, अगले चार दिनों तक प्रदेश में आंधी-बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। इससे धनतेरस और दीपावली पर मौसम साफ रहने की उम्मीद है।

बीती गुरुवार रात शाजापुर जिले के गिरवर में प्रदेश का सबसे कम 11.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। दमोह में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री, कटनी के करौंदी में 12.2 डिग्री, पचमढ़ी में 12.4 डिग्री और इंदौर में 12.7 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी भोपाल में पारा 13.5 डिग्री दर्ज किया गया। दिन के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट देखी जा रही है। अमरकंटक, पचमढ़ी, मलाजखंड, शिवपुरी और बैतूल में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है।

अगले चार दिन बारिश की संभावना नहीं

मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश के किसी भी जिले में आंधी या बारिश का अलर्ट नहीं है। 7 और 8 नवंबर को भी मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान है। 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दीपावली है। ऐसे में आंधी-बारिश की आशंका नहीं होने से त्योहारों की खरीदारी और तैयारियों में मौसम बाधा नहीं बनेगा। प्रदेश के निचले और ऊपरी हिस्सों में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से कुछ स्थानों पर हल्के बादल छा सकते हैं, लेकिन फिलहाल बारिश होने का अनुमान नहीं है।

15 नवंबर के बाद बढ़ेगी ठंड

पिछले 10 साल के मौसम के रुझान के मुताबिक, नवंबर के दूसरे पखवाड़े से ठंड का असर बढ़ने लगता है। इस बार भी इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से तापमान में और गिरावट आ सकती है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के सीधे पहुंचने से रात के तापमान में ज्यादा कमी आने के आसार हैं। ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर के दौरान न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं, उज्जैन में 53 साल पहले पारा गिरकर 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

गौरतलब है कि नवंबर के दौरान भोपाल, इंदौर और जबलपुर में बारिश का ट्रेंड रहा है। इस बार भी महीने की शुरुआत में बारिश को लेकर अलर्ट जारी हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में मौसम प्रणाली सक्रिय होने से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत