नीट यूजी 2026 परीक्षा: अफवाह फैलाने वालों पर साइबर कमांडो रखेंगे सख्त नजर
भोपाल, 25 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG 2026) के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुरक्षित संचालन को लेकर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय में शनिवार को समस्त जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में परीक्षा की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों के परिवहन, स्ट्रॉन्ग रूम निगरानी, साइबर मॉनिटरिंग एवं कानून-व्यवस्था संबंधी विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई।
पुलिस महानिदेशक मकवाणा ने कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित होने वाली NEET परीक्षा लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी अत्यंत संवेदनशील परीक्षा है, इसलिए इसकी प्रत्येक प्रक्रिया त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं सुरक्षित होनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों, स्ट्रॉन्ग रूम एवं परीक्षा कक्षों का भौतिक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। परीक्षा केंद्रों पर आने वाले परीक्षार्थियों की चेकिंग के लिए HHMD/मेटल डिटेक्टर भी पर्याप्त संख्या में रहें और परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए तथा परीक्षार्थियों के आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्र तक लाने तथा परीक्षा उपरांत OMR शीट एवं अन्य परीक्षा सामग्री की सुरक्षित वापसी तक प्रत्येक चरण पर सतत निगरानी रखी जाए।
बैंक, पोस्ट ऑफिस, स्ट्रॉन्ग रूम एवं परीक्षा केंद्रों के मध्य सामग्री परिवहन के दौरान पुलिस एस्कॉर्ट उपलब्ध कराया जाए तथा वाहनों की निगरानी डैशकैम एवं निर्धारित रूट मॉनिटरिंग से की जाए।
मकवाणा ने कहा कि चंबल रेंज सहित संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जाए। सीमावर्ती जिलों में अन्य राज्यों से संभावित पेपर लीक अथवा संगठित गिरोहों की गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
उन्होंने निर्देशित किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन ग्रुप्स एवं डिजिटल माध्यमों पर पेपर लीक, अफवाह या भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके लिए साइबर कमांडो एवं साइबर सेल की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी।
बैठक में प्रभारी ए.सी.एस. (गृह) के.सी. गुप्ता तथा सचिव, गृह विभाग कृष्णावेणी देशावातु द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आवश्यक निर्देश दिए गए।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए.साई मनोहर ने कहा कि वर्ष 2024 की घटनाओं से सीख लेते हुए इस बार सेंटर लेवल सुरक्षा पर विशेष फोकस रखा गया है। केवल स्ट्रॉन्ग रूम सुरक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रश्नपत्र वितरण के प्रत्येक चरण पर Zero Tolerance नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 283 परीक्षा केंद्रों का सत्यापन, पर्याप्त स्टाफ की तैनाती तथा CCTV कवरेज अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जा रहा है।
उप पुलिस महानिरीक्षक तरूण नायक ने बताया कि परीक्षा मध्यप्रदेश के 30 शहरों में कुल 283 केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसमें लगभग 1.18 लाख अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। इंदौर में सर्वाधिक 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील एवं हाई-रिस्क केंद्रों की अलग सूची तैयार कर विशेष निगरानी रखी जाएगी। परीक्षा से 72 घंटे पूर्व कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। Repeat offenders, नकल गिरोह, संदिग्ध कोचिंग नेटवर्क एवं डिजिटल फ्रॉड से जुड़े तत्वों पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि राज्य के 38 साइबर कमांडो NEET UG 2026 के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए हैं, जिन्हें परीक्षा दिवस से पूर्व प्रशिक्षण देकर तैनात किया जाएगा। ये कमांडो नेटवर्क सुरक्षा, CCTV मॉनिटरिंग, SOP अनुपालन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर नियंत्रण तथा संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग का कार्य करेंगे।
मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक, प्रतिरूपण, संगठित नकल, सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र प्रसारण, स्ट्रॉन्ग रूम सुरक्षा में चूक अथवा किसी भी प्रकार की आपराधिक लापरवाही पर तत्काल FIR दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि जिला प्रशासन, परीक्षा एजेंसी, डाक विभाग एवं अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर NEET UG 2026 परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया जाए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसटीएफ) डी. श्रीनिवास वर्मा, पीएसओ टू डीजीपी डॉ. विनीत कपूर, एसओ टू डीजीपी मलय जैन, पुलिस अधीक्षक एटीएस प्रणय नागवंशी, एवं एआईजी विनीता मालवीय उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

