राजगढ़ः नेशनल लोक अदालत में 10,697 लंबित प्रकरण रखे, समझौते से मामलों के निराकरण पर जोर
राजगढ़, 12 सितम्बर (हि.स.)। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के न्यायालय परिसर में शनिवार को वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ हुआ। एडीआर सेंटर के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव म. आपटे ने कहा कि प्रत्येक नेशनल लोक अदालत में बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। इस वर्ष आयोजित दो लोक अदालतों में भी अच्छे परिणाम आए हैं। इसका प्रमुख कारण आमजन में बढ़ती कानूनी जागरूकता है।
26 खंडपीठों में 12,595 प्रकरण रखे
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली की कार्ययोजना और मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश पर राजगढ़ जिला न्यायालय सहित ब्यावरा, नरसिंहगढ़, सारंगपुर, खिलचीपुर और जीरापुर तहसील न्यायालयों में लोक अदालत आयोजित की गई। लंबित और प्रीलिटिगेशन प्रकरणों के निराकरण के लिए कुल 26 खंडपीठों का गठन किया गया। जिला न्यायालय राजगढ़ में 7, ब्यावरा में 6, नरसिंहगढ़ में 5, सारंगपुर में 4 तथा खिलचीपुर और जीरापुर में 2-2 खंडपीठ बनाई गईं। इनके समक्ष कुल 10,697 लंबित और 1,898 प्रीलिटिगेशन यानी 12,595 प्रकरण रखे गए। मामलों का निराकरण सुलह-समझौते और राजीनामे के माध्यम से कराने का प्रयास किया गया। तीन लाख रुपए के लेन-देन का विवाद सुलझा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजगढ़ नीलिमा देव दत्त की अदालत में दो पक्षों के बीच 3 लाख रुपए के लेन-देन से जुड़े लंबित मामले में दोनों पक्षों को बुलाकर न्यायिक सलाह दी गई। आपसी सहमति से समझौता होने के बाद प्रकरण का निराकरण कर दिया गया।
कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश, कुटुंब न्यायाधीश, जिला न्यायाधीश, व्यवहार न्यायाधीश, अभिभाषक संघ के पदाधिकारी, अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, शासकीय अधिवक्ता और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

