home page

राजगढ़ः नेशनल लोक अदालत में बड़ी पहल, महिला सुरक्षा शाखा ने 6 बिखरे परिवारों को मिलाया

 | 
राजगढ़ः नेशनल लोक अदालत में बड़ी पहल, महिला सुरक्षा शाखा ने 6 बिखरे परिवारों को मिलाया


राजगढ़, 09 मई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में नेशनल लोक अदालत के अवसर पर महिला सुरक्षा शाखा ने शनिवार को एक सराहनीय पहल करते हुए पति-पत्नी के आपसी विवादों में फंसे 6 परिवारों को फिर से एकजुट करने में सफलता हासिल की। लंबे समय से चल रहे मनमुटाव, गिले-शिकवे और गलत -फहमियों को दूर कर इन परिवारों को नया जीवन मिला।

प्रथम न्यायाधीश न्यायालय राजगढ़ द्वारा पति-पत्नी संबंधी विवादों के निराकरण हेतु खंडपीठ क्रमांक-32 का गठन किया गया था। पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक केएल. बंजारे के मार्गदर्शन में गठित समिति में पीठासीन अधिकारी अरविंद सिंह राठौर, डीएसपी महिला सुरक्षा शाखा, महिला थानाप्रभारी कुसुम बास्कले और अधिवक्ता अंकित यादव शामिल रहे। समिति ने कुल 8 प्रकरणों की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान पाया गया कि पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ते-बढ़ते अलगाव की स्थिति तक पहुंच गए थे। समिति ने दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक सुना, काउंसलिंग की और आपसी समझ बढ़ाने का प्रयास किया। नतीजतन 8 में से 6 दंपतियों ने दोबारा साथ रहने का निर्णय लिया। एक मामले में (परिवर्तित नाम) राजू और राधिका पिछले छह माह से अलग रह रहे थे। पति के शराब सेवन और घरेलू विवाद के चलते दोनों के बीच तनाव था। समझाइश के बाद पति ने भविष्य में शराब न पीने और आपसी सम्मान बनाए रखने का वचन दिया, जिसके बाद दोनों को सहमति से विदा किया गया। लोक अदालत का प्रारंभिक माहौल तनावपूर्ण था, लेकिन समिति के संवेदनशील प्रयासों से रिश्तों में फिर से विश्वास और संवाद की स्थिति बनी। अंततः 6 परिवारों ने जीवनभर साथ निभाने का निर्णय लेकर मौके को मिलन समारोह में बदल दिया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक