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भू-जल सर्वे के आधार पर ही होगा नलकूप खनन, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

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भू-जल सर्वे के आधार पर ही होगा नलकूप खनन, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई


राजगढ़, 17 अप्रैल (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के राजगढ़ जिले में पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता और स्थायित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. गिरीशकुमार मिश्रा ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब नलकूप खनन कार्य केवल भू-जल सर्वेक्षण के आधार पर ही कराया जाएगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने शुक्रवार को भू-जल वैज्ञानिक डॉ. रामगोपाल नागर द्वारा किए जा रहे सर्वेक्षण कार्यों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और उनके प्रयासों की सराहना की।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के तहत सभी पंचायतें नलकूप खनन से पूर्व अनिवार्य रूप से भू-जल भौतिकी सर्वेक्षण कराएं। साथ ही जहां सर्वेक्षण किया जाए, वहीं नलकूप खनन मशीन स्थापित कर सटीक स्थान पर ड्रिलिंग सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने ड्रिलिंग के दौरान प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारियों जैसे पानी मिलने की गहराई, चट्टानों की स्थिति और कुल गहराई का पूरा रिकॉर्ड पंचायत स्तर पर संधारित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि मोटर पंप निर्धारित गहराई तक ही डाला जाए तथा नलकूपों की सुरक्षा और रिचार्जिंग के लिए आवश्यक संरचनाएं विकसित की जाएं।

कलेक्टर ने पंचायतों, पेयजल उप समितियों और पंप ऑपरेटरों को तकनीकी जानकारी के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नलकूपों की सुरक्षा और दीर्घकालिक उपयोगिता की जिम्मेदारी पंचायतों की होगी, ताकि जिले में पेयजल संकट उत्पन्न न हो और नागरिकों को नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक