नागदा में 28 अगस्त को होगा सामूहिक श्रावणी उपाकर्म, सनातन परंपरा और वैदिक संस्कृति का दिया जाएगा संदेश
नागदा, 26 अगस्त (हि.स.)। उज्जैन जिले के नागदा में सनातन परंपरा और वैदिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने तथा नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से रक्षाबंधन के अवसर पर 28 अगस्त को अनूठा आयोजन किया जाएगा। हनुमान डैम स्थित चंबल नदी के तट पर सामूहिक श्रावणी उपाकर्म का आयोजन होगा। इसमें ब्राह्मण समाज के सदस्य विधि-विधान के साथ हेमाद्रि संकल्प, ऋषि-पितृ तर्पण, आत्मशुद्धि तथा यज्ञोपवीत परिवर्तन की धार्मिक प्रक्रिया पूरी करेंगे।
ब्राह्मण समाज के मीडिया प्रभारी निलेश मेहता ने बुधवार को हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में बताया कि श्रावणी उपाकर्म केवल यज्ञोपवीत परिवर्तन की धार्मिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसे आत्मशुद्धि, प्रायश्चित, ऋषियों एवं पितरों के प्रति कृतज्ञता तथा धार्मिक और नैतिक जीवन के पुनः संकल्प के पर्व के रूप में भी माना जाता है। यज्ञोपवीत ज्ञान, कर्तव्य, अनुशासन और संस्कार का प्रतीक है। सामूहिक रूप से इस वैदिक परंपरा का निर्वहन नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति के मूल संस्कारों से परिचित कराने का माध्यम बनेगा।
नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने की पहल
मेहता ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना भी है। परिवार के बच्चों एवं युवाओं को आयोजन में शामिल कर उन्हें वैदिक मंत्रोच्चार, संकल्प, तर्पण और यज्ञोपवीत परिवर्तन की प्रक्रिया से परिचित कराया जाएगा। इससे उनमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों के प्रति समझ तथा सम्मान विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
धर्म के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
सामूहिक श्रावणी उपाकर्म के साथ सर्व ब्राह्मण महासभा की ओर से पौधारोपण और फलाहार का आयोजन भी किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठान के साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों ने समाज के लोगों से कार्यक्रम में सहभागिता कर वैदिक परंपराओं के संरक्षण और नई पीढ़ी तक संस्कारों को पहुंचाने में सहयोग करने का आग्रह किया है।
हिन्दुस्थान समाचार / कैलाश सनोलिया

