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राहुल गांधी के कथित बयान पर न्यायालय ने बिरलाग्राम नागदा पुलिस से मांगी जांच रिपोर्ट

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राहुल गांधी के कथित बयान पर न्यायालय ने बिरलाग्राम नागदा पुलिस से मांगी जांच रिपोर्ट


नागदा, 5 जून (हि.स.)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक कथित बयान को लेकर दायर शिकायत पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, इंदौर ने शुक्रवार को आदेश जारी करते हुए बिरलाग्राम नागदा जिला उज्जैन थाना प्रभारी से विस्तृत जांच प्रतिवेदन मांगा है। न्यायालय ने पुलिस से चार महत्वपूर्ण बिंदुओं पर 'जवाब तलब' करते हुए 6 जुलाई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

मामला आवेदक भाजपा कार्यकर्ता सुबोध स्वामी एवं सुनील साहनी निवासी नागदा द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175(3) के तहत दायर आवेदन से जुड़ा है। आवेदकों की ओर से अधिवक्ता एस.के. साहू ने न्यायालय में पैरवी की।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक मंच से कथित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संदर्भ में गद्दार शब्द का प्रयोग किया था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह बयान गंभीर प्रकृति का है तथा इसकी विधिसम्मत जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रकरण की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने बिरलाग्राम थाना प्रभारी को निर्देश दिए कि वे यह स्पष्ट करें कि शिकायत थाने में प्राप्त हुई थी या नहीं। यदि प्राप्त हुई थी तो उस पर क्या कार्रवाई की गई, यदि कार्रवाई नहीं की गई तो उसके क्या कारण रहे तथा शिकायत में वर्णित तथ्यों की जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

न्यायालय के आदेश के बाद अब पुलिस को शिकायत की प्राप्ति, जांच एवं कार्रवाई की पूरी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। पुलिस द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होगी।

आवेदक सुबोध स्वामी ने न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि शिकायत में उठाए गए मुद्दों पर पुलिस से जवाब तलब किया जाना महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निष्पक्ष जांच से पूरे मामले के तथ्य सामने आएंगे।

राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जा रहे इस मामले पर अब निगाहें पुलिस की जांच रिपोर्ट और न्यायालय की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। उल्लेखनीय है कि आवेदकों की ओर से अधिवक्ता एस.के. साहू ने न्यायालय में आवश्यक विधिक पक्ष प्रस्तुत किया।

हिन्दुस्थान समाचार / कैलाश सनोलिया