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जनगणना के चलते 2027 से पहले नागदा जिला गठन पर अंतिम फैसला नहीं

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जनगणना के चलते 2027 से पहले नागदा जिला गठन पर अंतिम फैसला नहीं


नागदा, 22 जुलाई (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के उज्जैन जिले के औद्योगिक नगर नागदा को नया जिला बनाए जाने की प्रक्रिया अभी जारी है, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय वर्ष 2027 की जनगणना के बाद ही संभव होगा। विधानसभा में बुधवार को सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव से संबंधित दावे-आपत्तियों का निराकरण कर प्रतिवेदन मध्यप्रदेश पुनर्गठन आयोग को भेज दिया गया है। आयोग की अनुशंसा मिलने के बाद ही शासन अंतिम निर्णय ले सकेगा।

विधानसभा में हरदा से कांग्रेस विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने के तारांकित प्रश्न के उत्तर में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि नागदा जिला गठन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई पूरी कर संशोधित प्रतिवेदन मध्यप्रदेश पुनर्गठन आयोग को भेजा जा चुका है। हालांकि आयोग की अंतिम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए अंतिम अधिसूचना जारी नहीं की जा सकी है।

सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि वर्ष 2027 में प्रस्तावित जनगणना के मद्देनजर मार्च 2027 तक राज्य की प्रशासनिक सीमाओं में किसी प्रकार का परिवर्तन किया जाना संभव नहीं होगा। ऐसे में नागदा को जिला बनाने का अंतिम निर्णय जनगणना प्रक्रिया के बाद ही लिया जा सकेगा।

विधानसभा में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश पुनर्गठन आयोग अब तक प्रदेश के 38 जिलों का भ्रमण कर चुका है। उज्जैन जिले का दौरा अगस्त-सितंबर 2026 में प्रस्तावित है। चूंकि नागदा जिला गठन का मामला उज्जैन जिले से संबंधित है, इसलिए आयोग का यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजस्व मंत्री ने बताया कि नागदा को जिला बनाने के लिए 28 जुलाई 2023 को प्रारंभिक अधिसूचना जारी की गई थी। इसके बाद प्राप्त दावे और आपत्तियों का परीक्षण कर 15 सितंबर तथा 4 अक्टूबर 2023 को शासन को प्रतिवेदन भेजा गया। शासन के निर्देशों के अनुरूप संशोधित प्रतिवेदन भी पुनर्गठन आयोग को उपलब्ध कराया जा चुका है।

सरकार ने यह भी जानकारी दी कि मध्यप्रदेश पुनर्गठन आयोग का गठन 12 मार्च 2024 को किया गया था। बाद में आयोग का कार्यकाल बढ़ाकर 12 मार्च 2027 तक कर दिया गया है। आयोग की अनुशंसा प्राप्त होने के बाद ही नागदा जिला गठन के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि नागदा को जिला बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। वर्ष 2020 में तत्कालीन राज्य सरकार ने नागदा, मैहर और चाचौड़ा को नए जिले बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। बाद में वर्ष 2023 में नागदा के लिए प्रारंभिक अधिसूचना जारी की गई। इस बीच मैहर और पांढुर्णा को जिला घोषित किया जा चुका है, जबकि नागदा का प्रस्ताव अभी अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा में है।

हिन्दुस्थान समाचार / कैलाश सनोलिया