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नागदा में बकरी पालन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं महिलाएं, 60 सिरोही बकरियों का वितरण

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नागदा में बकरी पालन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं महिलाएं, 60 सिरोही बकरियों का वितरण


नागदा, 18 मार्च (हि.स.)। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत बकरी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रेसिम उद्योग के सहयोग से बाएफ (लाइवलीहुड्स), मध्यप्रदेश द्वारा “समुत्थानशील एवं सतत कृषि विकास कार्यक्रम” के अंतर्गत यह अभियान संचालित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के प्रथम चरण में चयनित 12 महिला प्रतिभागियों को आजीविका संवर्धन के लिए 60 सिरोही नस्ल की बकरियों का वितरण किया गया। शेष 18 चयनित परिवारों को द्वितीय चरण में शीघ्र ही बकरियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस पहल का उद्देश्य महिला स्व-सहायता समूहों की आय में स्थायी वृद्धि करना, उन्हें पशुपालन आधारित उद्यमिता से जोड़ना और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।

बकरियों के वितरण से पूर्व प्रतिभागियों को तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया गया। विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र चौधरी ने प्रशिक्षण के दौरान संतुलित आहार, स्वच्छता, शेड प्रबंधन, नियमित टीकाकरण, नस्ल सुधार और रोगों की पहचान एवं रोकथाम जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बकरी पालन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला प्रभावी आजीविका विकल्प है।

कार्यक्रम में ग्रेसिम के क्लस्टर प्रमुख जीवन पोरवाल ने कहा कि इस तरह की पहलें ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ ही बदलती जलवायु परिस्थितियों में स्थायी आजीविका के अवसर भी प्रदान करती हैं। यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर महिला प्रतिभागियों ने ग्रेसिम जन सेवा ट्रस्ट एवं बाएफ लाइवलीहुड्स के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इस सहयोग से उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने संकल्प लिया कि वे प्राप्त संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अपनी आय बढ़ाएंगी और अन्य ग्रामीणों के लिए प्रेरणा बनेंगी।

कार्यक्रम की सराहना करते हुए ग्रेसिम इकाई प्रमुख शांतनु कुलकर्णी, उपाध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह, सीएसआर प्रमुख सतीश भुविर एवं प्रबंधक अरविन्द सिंह सिकरवार ने बाएफ टीम के प्रयासों की प्रशंसा की और भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों के निरंतर संचालन की अपेक्षा जताई।

हिन्दुस्थान समाचार / कैलाश सनोलिया