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उज्ज्वला योजना में अनियमितता का मामला, गैस एजेंसी के पूर्व और वर्तमान संचालक पर प्रकरण दर्ज

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उज्ज्वला योजना में अनियमितता का मामला, गैस एजेंसी के पूर्व और वर्तमान संचालक पर प्रकरण दर्ज


नागदा, 29 सितंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को गैस कनेक्शन और नि:शुल्क उपकरण उपलब्ध कराने में कथित अनियमितता का मामला उज्जैन जिले के नागदा में सामने आया है। जांच में दो महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराने की बात सामने आई, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में दोनों को हितग्राही बताया गया है। इनमें से एक महिला के नाम पर वर्ष 2019 में कनेक्शन जारी होने के बाद अब तक 14 गैस सिलेंडर की डिलीवरी दर्ज मिली है।

मामला सूचना के अधिकार के माध्यम से सामने आने के बाद खाद्य विभाग ने जांच कराई। जांच समिति ने कृष्णा इंडेन गैस एजेंसी की पूर्व संचालिका प्रियंका शर्मा और वर्तमान संचालक आशीष जैन को मामले में दोषी पाया है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर उज्जैन के समक्ष प्रकरण क्रमांक 72 दर्ज किया गया है। जिला आपूर्ति नियंत्रक उज्जैन शानू वर्मा ने भी प्रकरण दर्ज होने की पुष्टि की है।

जांच प्रतिवेदन के अनुसार विजयलक्ष्मी विश्वकर्मा वर्तमान में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रहती हैं, जबकि उनका परिवार बिरलाग्राम, नागदा में रहता है। जब महिला की ओर से मामले में कार्रवाई की गई तो सामने आया कि उनके नाम से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन जारी किया गया है। महिला के पुत्र बृजेश विश्वकर्मा ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी हासिल कर मामले को सामने लाया।

कलेक्टर उज्जैन की जनसुनवाई में मई 2026 में पहली शिकायत की गई थी। शिकायत मिलने के बाद जांच समिति गठित की गई। इसमें एलपीजी सेल्स उज्जैन क्षेत्र की प्रबंधक भाग्यश्री शर्मा, कनिष्ठ आपूर्ति नियंत्रक संतोष सिमोदिया और नागदा के तत्कालीन कनिष्ठ अधिकारी सदाम खान को शामिल किया गया। सदाम खान वर्तमान में नागदा में सहायक आपूर्ति अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट जिला आपूर्ति नियंत्रक को सौंपी। जांच में मामला कृष्णा इंडेन गैस एजेंसी से जुड़ा पाया गया।

जांच प्रतिवेदन के अनुसार विजयलक्ष्मी विश्वकर्मा के नाम प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 19 फरवरी 2019 को गैस कनेक्शन जारी किया गया था। कनेक्शन उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया। उनका उपभोक्ता क्रमांक 7083852303 है। जांच में इस कनेक्शन पर अब तक 14 गैस सिलेंडर की डिलीवरी दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। इसी तरह दूसरी महिला मंजूबाई पति ओमप्रकाश के नाम भी उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन दर्ज पाया गया। उनका उपभोक्ता क्रमांक 7083493652 है। जांच प्रतिवेदन में उल्लेख है कि कृष्णा गैस के संचालक द्वारा यह कनेक्शन भी महिला को उपलब्ध नहीं कराया गया।

स्टॉक जांच में आठ सिलेंडर अधिक मिले

जांच समिति के निष्कर्ष में कहा गया है कि कृष्णा इंडेन नागदा की पूर्व संचालिका प्रियंका शर्मा और वर्तमान संचालक आशीष जैन द्वारा विजयलक्ष्मी एवं मंजूबाई को कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराया गया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि वर्तमान संचालक आशीष जैन संबंधित इंस्टालेशन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करा सके।

जांच के दौरान 14.2 किलोग्राम क्षमता वाले गैस सिलेंडरों के स्टॉक की जांच में निर्धारित स्टॉक से आठ सिलेंडर अधिक पाए गए। जांच टीम ने अपनी टिप्पणी में पूर्व संचालिका प्रियंका शर्मा के कृत्य को द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 के प्रावधान 7(1क) के तहत तथा वर्तमान संचालक आशीष जैन के कृत्य को इसी आदेश के प्रावधान 7(1क), 8(1)(2) और 10(ख) का उल्लंघन बताया है। रिपोर्ट के अनुसार यह आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय है।

मामले में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, भोपाल का एक दस्तावेज भी सामने आया है। 22 सितंबर 2026 को जारी इस दस्तावेज को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड भोपाल के महाप्रबंधक रीटेल-अभियांत्रिकी दिनेश मिश्रा ने आरटीआई के तहत जारी किया है।

जिला आपूर्ति नियंत्रक उज्जैन शानू वर्मा ने बताया कि नागदा में उज्ज्वला योजना में अनियमितता के आरोप से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई थी। जांच के दौरान शिकायत सही पाई गई। जांच में जिन गैस एजेंसी संचालकों को दोषी पाया गया है, उनके नाम से प्रकरण दर्ज किया गया है। संबंधित लोगों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / कैलाश सनोलिया